आरोपः शिकायत देने पर भी पुलिस ने नहीं की कार्रवाई
लुधियानाः जिले के जनकपुरी इलाके में गुंडागर्दी का नंगा नाच देखने को मिला है। जहां छत से बच्चे को पानी गिराना महंगा पड़ गया। बच्चे की इस गलती की कीमत पिता को चुकानी पड़ी। दरअसल, बच्चे द्वारा गली में पानी गिरने को लेकर भारी हंगामा हो गया। जहां आधा दर्जन से ज्यादा युवकों ने बच्चे के पिता जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने पीड़ित को लात-घूसों और बियर की बोतलों से इस कदर पीटा कि पीड़ित की हालत नाजुक बनी हुई है। घायल व्यक्ति की पहचान संदीप के रूप में हुई है। घटना वहां लगे सीसीटीवी में कैद हो गई है।
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— Encounter India (@Encounter_India) February 28, 2026
मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित संदीप मूल रूप से अमृतसर के रहने वाला है। कुछ समय पहले ही वह परिवार के साथ लुधियाना में आया है। बताया जा रहा हैकि संदीप का बेटा घर के बाहर टी-शर्ट और तौलिया सुखाने डाल रहा था। इस दौरान बच्चे से पानी गली में गिर गिरा दिया। उसी वक्त वहां से गुजर रहे एक बुजुर्ग पर पानी की कुछ बूंदें गिर गईं। आरोप है कि बुजुर्ग ने तैश में आकर गाली-गलौज शुरू कर दी। संदीप की पत्नी ने बीच-बचाव करते हुए कहा कि पानी जानबूझकर नहीं फेंका गया फिर भी परिवार ने माफी मांग ली।
लेकिन बुजुर्ग का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उसने फोन कर अपने साथियों को बुला लिया और उस पर हमला कर दिया।वहीं सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि 5 से 7 युवक संदीप के साथ हाथापाई कर रहे है। हमलावर संदीप को जमीन पर गिराकर बेरहमी से पीट रहे हैं। युवकों ने न केवल लात-घूसे चलाए बल्कि बियर की बोतलों से भी संदीप पर वार किए। जब मोहल्ले की महिलाओं और स्थानीय निवासियों ने संदीप को बचाने की कोशिश की तो गुंडों ने उनके साथ भी बदसलूकी और धक्का-मुक्की की।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस को शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। संदीप को 2 बार थाने बुलाया गया, मगर मामला दर्ज नहीं किया गया। हैरानी की बात यह है कि जब इस मामले में थाना डिवीजन नंबर 2 के SHO से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन काट दिया।
डॉक्टरों के मुताबिक संदीप की हालत फिलहाल नाजुक है। शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें कम से कम एक महीना बेड रेस्ट की सलाह दी गई है। अमृतसर से आए इस परिवार के पास लुधियाना में आय का साधन उनकी छोटी सी दुकान है जो अब इस हमले के कारण बंद पड़ी है। इस घटना को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं।