अमृतसरः सिख सद्भावना दल के मुख्य सेवादार भाई बलदेव सिंह वड और किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान भाई बलदेव सिंह वडाला ने भाई जगतार सिंह हवारा की पैरोल के मामले को लेकर पंजाब सरकार, पंजाब के राज्यपाल और केंद्र सरकार से तुरंत निर्णय लेने की अपील की। भाई बलदेव सिंह ने कहा कि भाई जगतार सिंह हवारा पिछले 31 सालों से जेल में बंद हैं और उनका कहना है कि वे कानून के मुताबिक अपनी सजा से ज्यादा समय जेल में बिता चुके हैं। उन्होंने कहा कि इसी मामले से संबंधित अन्य कैदी कई बार पैरोल ले चुके हैं, लेकिन भाई हवारा को अभी तक एक बार भी पैरोल नहीं मिली है। वडाला ने भाई हवारा की माता नरेंद्र कौर के स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कहा कि उनकी माता लंबे समय से बीमार हैं और इस समय उनका स्वास्थ्य बहुत नाजुक है। उन्होंने कहा कि भाई हवारा का नाम लेने पर माता जी आंखें खोलते हैं, लेकिन स्वास्थ्य ज्यादा खराब होने के कारण वे बोलने की स्थिति में नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों को ध्यान में रखते हुए पंचायतों द्वारा भी लिखित रूप में सहयोग दिया गया है और अदालत द्वारा भी इस मामले में सहमति जताई गई है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को भी पैरोल के लिए अपनी कार्यवाही तुरंत पूरी करनी चाहिए। भाई बलदेव सिंह वडाला ने बताया कि 8 अगस्त को उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से मिलकर पैरोल संबंधी चिट्ठी दी थी। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री द्वारा उसी दिन पहल करते हुए पंजाब के राज्यपाल को चिट्ठी लिखी गई। वडाला ने कहा कि अब मुख्यमंत्री द्वारा खुद राज्यपाल से मिलकर भाई हवारा की माता के नाजुक स्वास्थ्य को देखते हुए पैरोल पर तुरंत सहमति देने की अपील की गई है। राज्यपाल द्वारा मामले संबंधी भरोसा दिया गया है और रिपोर्ट भी ली गई है।
उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि मानवाधिकारों को ध्यान में रखते हुए भाई हवारा की पैरोल संबंधी तुरंत निर्णय लिया जाए। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा की गई पहल की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 31 सालों में किसी मुख्यमंत्री ने इस तरह की पहल नहीं की। उन्होंने कहा कि अब पंजाब सरकार द्वारा पैरोल के लिए आवश्यक कार्यवाही की गई है और केंद्र सरकार को भी बिना देरी निर्णय लेना चाहिए। भाई बलदेव सिंह ने कहा कि इतिहास में भी ऐसे मौके आए हैं जब मानवाधिकारों को ध्यान में रखते हुए मां-बेटे की मुलाकात के लिए व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा कि ऐसा मामला दोबारा न बने कि मां अपने बेटे से मिलने से पहले ही दुनिया से चली जाए या बेटा अपनी मां से न मिल सके। वडाला ने पंजाब वासियों और सिख संगत से भी अपील की कि वे इस मामले पर नजर रखें। उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री द्वारा भाई हवारा को उनकी माता से मिलाने के लिए जो जिम्मेदारी ली गई है, उसे वे याद रखेंगे।