होशियारपुरः दीप नगर में सितंबर 2025 में 5 वर्षीय बच्चे हरवीर सिंह के अपहरण, यौन शोषण और हत्या के मामले में कोर्ट में अहम फैसला सुनाया गया। जहां अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मनप्रीत कौर ने दोषी मनके यादव को फांसी की सजा सुनाई। दरअसल, उत्तर प्रदेश निवासी प्रवासी मजदूर मनके यादव को लुधियाना जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया। अदालत द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद आज सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई, जिसके उपरांत अदालत ने उसे मृत्युदंड सुनाया। फैसले के बाद बच्चे के परिजनों और स्थानीय निवासियों ने न्याय व्यवस्था पर भरोसा जताते हुए राहत महसूस की है।
फैसले के बाद मासूम का परिवार बेहद भावुक नजर आया। वहीं परिवार ने मांग रखी है कि दोषी को फांसी दिए जाते समय उन्हें भी मौके पर मौजूद रहने की अनुमति दी जाए। सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए दोषी को उसके जुर्म और मिली सजा की जानकारी दी। पीड़ित पक्ष के वकील एडवोकेट अश्वनी कुमार वर्मा ने बताया कि वे और पीड़ित परिवार पहले दिन से ही आरोपी के लिए केवल मृत्युदंड की मांग कर रहे थे।
अश्वनी कुमार वर्मा ने बिना फीस लिए मामले की मजबूत पैरवी की। परिजनों ने कहा कि एडवोकेट वर्मा ने बिना एक रुपया लिए और अपने निजी खर्च पर यह पूरी लड़ाई लड़ी है। उन्होंने कहा कि जब दोषी को फांसी पर लटकाया जाएगा, तभी उनके मासूम बच्चे की आत्मा को सच्ची शांति मिलेगी। सामाजिक कार्यकर्ता ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इस न्याय से जनता का अदालत पर विश्वास और मजबूत हुआ है। अब पीड़ित परिवार और पूरे इलाके की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अदालत के आदेश के तहत दोषी नानक यादव को फांसी के फंदे पर कब लटकाया जाता है।
बता दें कि 9 सितंबर 2025 को पांच वर्षीय हरवीर सिंह दीप नगर स्थित अपने घर के बाहर खेल रहा था, तभी उसका अपहरण कर लिया गया था। अगले दिन बच्चे का शव पुरहीरां स्थित श्मशानघाट से बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम में बच्चे के साथ यौन दुर्व्यवहार और गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। इसी केस को लेकर मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक आधार पर की गई। अदालत के फैसले के बाद पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही कठोर सजा की मांग पूरी हुई।