AAP ने 1984 के दंगों के दोषी सज्जन कुमार के अंतिम संस्कार में BJP सांसदों के शामिल होने पर सवाल उठाए
अमृतसरः भाजपा नेता तरुण चुघ के घर के बाहर आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। आप नेताओं ने आरोप लगाया कि 1984 के सिख नरसंहार और दंगों के दोषी सज्जन कुमार की मौत के बाद BJP के तीन सांसद शोक व्यक्त करने पहुंचे थे, जिससे 1984 के पीड़ितों के परिवारों के ज़ख्मों पर नमक छिड़कने जैसा काम हुआ है।
इस दौरान प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी के मंत्री हरभजन सिंह ETO ने कहा कि भाजपा को अपना रुख साफ करना चाहिए कि वे सिखों के हत्यारों के साथ हैं या देश के हित में। ईटीओ हरभजन सिहं ने कहा कि भाजपा साफ कर दे वह पंजाबियों के साथ है या नहीं। वहीं दीपेंद्र हुड्डा की तरफ से सज्जन कुमार को रोल मॉडल कहा गया था, जिस पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस भी सिख हत्यारों के साथ है। कांग्रेस सज्जन कुमार को अपना रोल मॉडल मानती है तो इनकी ये मानसिकता बताती है कि ये पंजाब के साथ नहीं बल्कि हत्यारों के साथ है।
वहीं कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी फिर एक बार रिपीट होगी। कांग्रेस को 5 सीटें भी मिलना मुश्किल हो गया है। वहीं अकाली दल को एक भी सीट नहीं मिलेगी और भाजपा सिर्फ 2 सीटों पर निपट जाएगी। पंजाब में एक बार फिर आम आदमी पार्टी की सरकार बनने जा रही है। इस दौरान पार्टी ने नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा मुर्दाबाद के नारे लगाए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एक तरफ 1984 के पीड़ितों के परिवार 35 से ज़्यादा सालों से न्याय के लिए संघर्ष कर रहे है। वहीं दूसरी तरफ BJP नेता नरसंहार के दोषियों के घरों में जाकर उनके दुख में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि BJP को अपना रुख साफ करना चाहिए कि वह 1984 के पीड़ितों के साथ है या सिख-विरोधी दोषियों के साथ। नेताओं ने BJP पर वोट बैंक और धर्म की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि पंजाब के लोगों ने उनका असली चेहरा पहचान लिया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी ने हमेशा लोगों और पंजाब के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी है। उन्होंने मांग की कि भाजपा नेताओं को इसका जवाब देना चाहिए और पंजाबियों से माफ़ी मांगनी चाहिए। विरोध प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।