गुरदासपुरः पंजाब में पिछले दिनों हुई भारी वर्षा के कारण रावी दरिया का जलस्तर बढ़ने से जिले के कुछ इलाकों में बाढ़ आने से लोगों का जन जीवन काफी प्रभावित हुआ है। हालांकि पिछले 2 दिन से बारिश ना होने के कारण रावी दरिया के किनारे बसे गांवों में पानी लगातार कम हो रहा है, जोकि राहत की बात है। वहीं आप पार्टी के सासंद राघव चड्ढा दीनानगर विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा करने पहुंचे। जहां उन्होंने लोगों का हालचाल पूछा। इस दौरान लोगों को दी जाने वाली राहत सामग्री को लेकर अधिकारियों से बातचीत की।
बता दें कि 2 दिन पहले बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए फील्ड में गए दीनानगर के एसडीएम जसपिंदर सिंह आईएएस और डीएसपी राजिंदर सिंह मिन्हास भी अपनी टीमों के साथ बाढ़ के पानी से घिर गए और अधिकारियों को रावी दरिया के किनारे एक बाढ़ग्रस्त गांव के अंदर रात बितानी पड़ी। जहां से सुबह होने पर दोनों अधिकारियों को उनकी टीम के साथ एनडीआरएफ की टीमों ने रेस्क्यू किया। हालांकि शुक्रवार को फिर से आसमान में छाए बादलों ने कुछ चिंता जरूर बढ़ा दी है। वर्षा होने की स्थिति में राहत कार्यों में बाधा उत्पन्न हो सकती है, जिससे बाढ़ में फंसे लोगों की परेशानी बढ़ सकती है।
रावी दरिया के किनारे बाढ़ प्रभावित गांवों में जिला प्रशासन लगातार राहत एवं बचाव कार्य चला रहा है। जिला प्रशासन की टीमों द्वारा अब तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दो हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जिले में 12 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां लोगों को हर प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इन शिविरों में भोजन के अलावा, प्राथमिक उपचार जैसे सोने के लिए चटाई, सूखा राशन, बिस्कुट और छोटे बच्चों के लिए दूध आदि की व्यवस्था की गई है। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों की मदद के लिए एम्बुलेंस भी तैनात की गई हैं। प्रशासन ने विभिन्न बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों के लिए चिकित्सा शिविर भी लगाए जा रहे हैं।
जिले में एनडीआरएफ की सात टीमें तैनात की गई हैं जो जिला प्रशासन की टीमों के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दिन-रात काम कर रही हैं और बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सेना, बीएसएफ और एनडीआरएफ की टीमें तैनात हैं और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों तक किश्तियों और अन्य साधनों से पहुंचा जा रहा है। सभी एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि जहां भी भोजन की आवश्यकता हो, वहां भोजन की व्यवस्था की जाए और भोजन के पैकेट तैयार रखे जाएं।