चंडीगढ़, 10 अप्रैल 2026: पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। “मुख्यमंत्री सेहत योजना” के तहत जारी किया जा रहा सेहत कार्ड अब लाखों परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा और भरोसे का साधन बनता जा रहा है।
अचानक आने वाली मेडिकल इमरजेंसी अक्सर परिवारों के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है, क्योंकि इलाज का खर्च उठाना आसान नहीं होता। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह योजना शुरू की, ताकि हर परिवार समय पर इलाज करा सके और आर्थिक बोझ से बच सके।
तेजी से बढ़ रहा दायरा, 2 लाख से ज्यादा इलाज
सरकार द्वारा राज्यभर में गांवों, कस्बों और शहरों में बड़े स्तर पर नामांकन अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत रोजाना करीब 50,000 सेहत कार्ड बनाए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि यह योजना सभी के लिए है और इसमें उम्र, लिंग या आय की कोई बाधा नहीं है। जागरूकता बढ़ने के साथ अधिक से अधिक लोग इस योजना से जुड़ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अब तक इस योजना के तहत 2 लाख से ज्यादा इलाज किए जा चुके हैं, जिनमें कैंसर, दिल से जुड़ी सर्जरी और हड्डी के ऑपरेशन जैसे गंभीर उपचार शामिल हैं।
अब तक ₹300 करोड़ से अधिक का इलाज मुफ्त में किया जा चुका है। साथ ही, इस योजना को और मजबूत बनाने के लिए पंजाब बजट 2026–27 में ₹2000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
हर परिवार को ₹10 लाख तक कैशलेस इलाज
मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत हर परिवार को सालाना ₹10 लाख तक का कैशलेस इलाज सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में उपलब्ध कराया जा रहा है।
इससे मरीजों को इलाज के लिए पैसे जुटाने की चिंता नहीं रहती और आपात स्थिति में तुरंत उपचार शुरू हो सकता है।
योजना को हर व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सरकार रोजाना सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक गुरुद्वारों, पंचायत घरों, मंदिरों और सामुदायिक केंद्रों में कैंप लगा रही है।
सरल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, बिना अपॉइंटमेंट सुविधा
सरकार ने योजना में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को बेहद आसान बनाया है। लोग बिना किसी अपॉइंटमेंट के अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), सरकारी कैंप या सेवा केंद्र में जाकर आवेदन कर सकते हैं।
रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी और बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज जरूरी हैं। सभी परिवार के सदस्यों का एक साथ पंजीकरण करना जरूरी है, क्योंकि ₹10 लाख की राशि पूरे परिवार के लिए होती है।
रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद लाभार्थियों को SMS के जरिए सेहत कार्ड एक्टिव होने की जानकारी दी जाती है।
जरूरी दस्तावेज और सरकार की अपील
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे रजिस्ट्रेशन के समय आधार कार्ड, वोटर आईडी, स्मार्ट राशन कार्ड (यदि उपलब्ध हो) और किसानों के लिए J-फॉर्म साथ लेकर आएं, ताकि प्रक्रिया जल्दी पूरी हो सके।
पंजाब सरकार ने कहा कि उसका लक्ष्य हर परिवार तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति पैसे की कमी के कारण इलाज से वंचित न रहे।