IG की एस्कॉर्ट गाड़ी को बनाया निशाना तोड़े शीशे, माहौल तनावपूर्ण
पटनाः दिल्ली के बाद अब पटना में छात्रों द्वारा भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है। जहां छात्रों द्वारा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है। वामदल के छात्र संगठन आइसा के बैनर तले हजारों की तादाद में छात्रों और युवाओं का हल्ला बोल जारी है। पुलिस की सख्ती के बावजूद लगातार आगे बढ़ रहे हैं। जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग कर रोकने की कोशिश हुई तो नोकझोंक भी हुई। जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और वाटर कैनन से पानी की बौछार की। इस दौरान पुलिस द्वारा छात्रों पर लाठीचार्ज भी किया गया।
छात्रों ने बताया कि ये मार्च दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार और शिक्षा के निजीकरण के खिलाफ चल रहे आंदोलन के समर्थन और वहां शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में निकाला जा रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई के बावजूद हजारों की संख्या में छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। कई छात्र विरोध जताने के लिए सड़क पर ही बैठ गए। पुलिस अधिकारी उन्हें समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन करीब 20 मिनट के भीतर ही छात्रों ने बैरिकेडिंग उखाड़ फेंकी और आगे बढ़ गए।
जेपी गोलंबर से निकलकर छात्रों का हुजूम डाकबंगला चौराहे पहुंच गया। जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे और भारी संख्या में पुलिस बल, वाटर कैनन और आंसू गैस के दस्तों के साथ तैनात था। प्रदर्शन के दौरान माहौल तब और तनावपूर्ण हो गया जब कुछ उपद्रवियों ने पुलिस टीम पर बोतलें और चप्पलें फेंकना शुरू कर दिया। इसी हंगामे के बीच पटना आईजी की एस्कॉर्ट गाड़ी को निशाना बनाया गया। प्रदर्शनकारियों ने गाड़ी पर हमला करके उसके शीशे तोड़ दिए। स्थिति को बिगड़ता देख पटना आईजी ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के निर्देश जारी कर दिए हैं। फिलहाल मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और पुलिस पूरे इलाके में स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश में जुटी हुई है।
