चंडीगढ़: अगस्त हरियाणा की एफसीआर और अतिरिक्त मुख्य सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग डॉ. सुमिता मिश्रा ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सेक्टर-17 स्थित न्यू सिविल सचिवालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि देशभक्ति केवल राष्ट्रीय समारोहों के दौरान ही प्रदर्शित न हो, बल्कि दैनिक जीवन में जिम्मेदार आचरण के माध्यम से भी दिखाई दे। ध्वजारोहण के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए डॉ. मिश्रा ने स्वतंत्रता दिवस को एक “बहुमूल्य और अनमोल अवसर” बताते हुए कहा कि देश को उन अनगिनत ज्ञात और अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को कभी नहीं भूलना चाहिए, जिन्होंने स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया और राष्ट्र निर्माण की नींव रखी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि देशभक्ति केवल समारोहों और आयोजनों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि समाज और देश के प्रति नागरिकों द्वारा अपने दायित्वों के निर्वहन के तरीके में भी दिखाई देनी चाहिए। डॉ. मिश्रा ने कहा, “पर्यावरण की रक्षा करना, स्वच्छता बनाए रखना, अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से निभाना और जरूरतमंदों की मदद करना भी राष्ट्र के प्रति प्रेम की महत्वपूर्ण अभिव्यक्तियां हैं।” उन्होंने कहा कि करुणा, एकजुटता, आपसी सम्मान और भाईचारा सामाजिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब नागरिक व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर समाज के व्यापक कल्याण के लिए सामूहिक रूप से कार्य करते हैं, तभी देश मजबूत बनता है।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि स्वतंत्रता केवल एक ऐतिहासिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक के लिए निरंतर जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा, “अपने दैनिक जीवन और कार्यों में स्वतंत्रता सेनानियों के मूल्यों को अपनाकर ही हम उनके बलिदानों का सच्चा सम्मान कर सकते हैं और एक मजबूत, अधिक संवेदनशील और प्रगतिशील भारत के निर्माण में योगदान दे सकते हैं।” स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान न्यू सिविल सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने देशभक्ति के गीत गाए तथा राष्ट्रीय नायकों के साथ-साथ स्वतंत्रता संग्राम और उसके बाद देश के विकास में योगदान देने वाले अनगिनत लोगों के योगदान को याद किया।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा दिए गए बलिदानों को याद रखा जाना चाहिए और उनकी विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से राष्ट्रीय एकता, अखंडता और जनसेवा के मूल्यों को बनाए रखने तथा अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और समर्पण के साथ करने का आह्वान किया।

