चेन्नईः तमिलनाडु में सरकारी शराब दुकानों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राज्य सरकार ने तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन की दुकानों पर ग्राहकों से शराब की बोतल के तय दाम से ज्यादा पैसे लेने के आरोप में बड़ी कार्रवाई की है। स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन ने अधिकतम खुदरा मूल्य से ज़्यादा कीमत पर शराब बेचने के लिए 67 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। एक ही दिन में हुई इस कार्रवाई से मामला चर्चा में आ गया है। सरकार के सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई चेन्नई, मदुरै, सेलम, त्रिची और कोयंबटूर समेत कई बड़े शहरों में की गई है। आरोप है कि टीएएसएमएसी दुकानों पर ग्राहकों से शराब की बोतल के लिए तय कीमत से ₹10 या ₹20 अतिरिक्त लिए जा रहे थे।
टीएएसएमएसी तमिलनाडु सरकार की शराब की खुदरा बिक्री व्यवस्था है। राज्य में शराब की बिक्री के लिए बड़ी संख्या में टीएएसएमएसी दुकानें संचालित होती हैं। विवाद इस बात को लेकर है कि ग्राहकों से बोतल पर छपी कीमत से ज्यादा रकम क्यों ली जा रही है। टीवीके सरकार ने साफ कहा है कि यह अतिरिक्त ₹10 कोई सरकारी शुल्क नहीं है। यानी ग्राहक से तय कीमत से ऊपर ली जाने वाली रकम आधिकारिक तौर पर सरकार की ओर से तय नहीं की गई है।विधानसभा में इस मुद्दे पर जवाब देते हुए निषेध एवं आबकारी मंत्री के. विग्नेश ने इस व्यवस्था की पुरानी कहानी बताई। उनके मुताबिक, जब टीएएसएमएसी दुकानों के कर्मचारियों को काफी कम वेतन मिलता था, तब बोतल पर ₹2 अतिरिक्त लेने की शुरुआत हुई थी। समय के साथ यह रकम बढ़ती गई। मंत्री के मुताबिक, ₹2 से यह राशि ₹5 और फिर ₹10-20 तक पहुंच गई। उनका कहना था कि इस पैसे का इस्तेमाल दुकानों के बिजली बिल, किराए और रखरखाव जैसे बुनियादी खर्चों में किया जाता था।
हालांकि सरकार ने यह स्पष्ट किया कि इस तरह अतिरिक्त पैसे लेना सही नहीं है। इसी वजह से अब ऐसे कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है। मंत्री के. विग्नेश ने विधानसभा में इस व्यवस्था के लिए पिछली डीएमके सरकार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के दौरान टीएएसएमएसी कर्मचारियों के वेतन में पर्याप्त सुधार नहीं किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दुकानों के नियमित रखरखाव के लिए पर्याप्त सरकारी फंड उपलब्ध नहीं कराया गया। सरकार का तर्क है कि इन परिस्थितियों के कारण अतिरिक्त पैसे लेने की व्यवस्था धीरे-धीरे टीएएसएमएसी दुकानों में जड़ पकड़ती गई। मंत्री ने कहा कि मौजूदा टीवीके सरकार, मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व में, कर्मचारियों का वेतन बढ़ा रही है और दुकानों से भ्रष्टाचार खत्म करने की कोशिश कर रही है।