ऊना/सुशील पंडित: उपमंडल बंगाणा के मलागंड़ गांव में शराब के ठेके का विरोध वर्षों से लगातार जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले लगभग 5 साल से मलांगड़ में शराब की एक दुकान कुछ घरों के सामने खुली रही। पास में एक प्राइवेट स्कूल भी था। शुरू से ही मलांगड़ और सोरला गांव के लोग उस शराब की दुकान का विरोध करते आए हैं। अब शराब की दुकान को बदलकर पंचायत घर के पास सुनसान इलाके में स्थापित किया जा रहा है। नई जगह स्थानांतरित होने जा रहे ठेके का विरोध करते हुए गांव की लगभग एक दर्जन महिलाएं शनिवार को मौके पर पहुंचीं और शराब की दुकान के खिलाफ नारेबाजी की। महिलाओं ने कहा कि शराब का ठेका पहले भी गांव की असंख्य अप्रिय घटनाओं का कारण बन चुका है। ठेके में शराब पीने के बाद लोग हल्ला और हुड़दंग करते हैं। इस हुड़दंग ने मलांगड़ गांव की शांति छीन ली है।
महिलाओं का कहना है कि अब गांव वालों की आंखों में धूल झोंकने के लिए ठेके को एक स्थान से दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जाने लगा है। गांव का कोई भी व्यक्ति नहीं चाहता कि यहां शराब की बिक्री हो। जो शराब सामाजिक बुराई के तौर पर युवा पीड़ी को खराब करती जा रही है उसे खोलने में सरकार इतनी आतुर क्यों है। तत्पश्चात गांव में हंगामा बढ़ते देख बंगाणा के एसडीएम योगराज धीमान पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे और शराब की दुकान का जायजा लिया। महिलाओं ने ठेके का विरोध करते हुए उन्हें ज्ञापन भी सौंपा।
एसडीएम धीमान का कहना है कि शराब की दुकान खोलने की अनुमति आबकारी एवं कराधान विभाग, हिमाचल प्रदेश से मिलती है। इस गांव में ठेके के विरोध की जानकारी आबकारी एवं कराधान विभाग को दे दी गई है। इसे खोलने या बंद करने का निर्णय उन्हीं को लेना है।