ऊना,सुशील पंडित: जिला ऊना के गांव बदोली में रक्षा बंधन के पावन अवसर पर धार्मिक आस्था और वर्षों पुरानी परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। नाग देवता के मंदिर में श्रद्धालुओं की मौजूदगी में पवित्र छत्र को पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठानों के बाद श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देने के लिए रवाना किया गया। इस दौरान भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला। परंपरा के अनुसार पवित्र छत्र नौ दिनों तक विभिन्न गांवों और श्रद्धालुओं के घरों में पहुंचेगा। इस धार्मिक यात्रा में शामिल सेवादार और श्रद्धालु नौ दिनों तक नंगे पांव रहकर देवता की सेवा करेंगे। श्रद्धालुओं का मानना है कि पवित्र छत्र के घर पहुंचने और पूजा-अर्चना करने से परिवार में सुख-शांति आती है तथा बाबा का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
नौ दिनों तक चलने वाली इस धार्मिक परंपरा के दौरान घर-घर जाकर गोगा जाहिर वीर की गाथा सुनाई जाएगी। श्रद्धालुओं के घरों में विशेष चौकियां स्थापित की जाएंगी, जहां विधि-विधान से पूजा-पाठ किया जाएगा। स्थानीय लोगों के अनुसार इन नौ दिनों में अधिक से अधिक श्रद्धालुओं के घरों में चौकियां लगाने की परंपरा है। छत्र यात्रा जिस भी गांव या घर में पहुंचती है, वहां श्रद्धालु पूरे भक्तिभाव के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। घरों में पहले से ही तैयारियां की जाती हैं। परिवार के सदस्य पवित्र छत्र का इंतजार करते हैं और उसके पहुंचने पर श्रद्धा एवं उत्साह के साथ स्वागत करते हैं। इस दौरान धार्मिक गाथाओं का गायन और पूजा-पाठ वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना देता है।
छत्र यात्रा के दौरान रास्ते में भी जगह-जगह ग्रामीण और श्रद्धालु एकत्रित होकर पवित्र छत्र का भव्य स्वागत करते हैं। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा प्रसाद की व्यवस्था की जाती है और जयकारों के साथ छत्र का अभिनंदन किया जाता है। इससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बनेगा।श्रद्धालुओं की पवित्र छत्र के प्रति गहरी आस्था है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन का हिस्सा बनते हैं। विशेष रूप से छत्र के गांव-गांव और घर-घर पहुंचने को श्रद्धालु नाग देवता का आशीर्वाद मानते हैं।
नंगे पांव सेवा करने वाले श्रद्धालु पूरे भक्तिभाव के साथ इस धार्मिक यात्रा में अपनी सेवा देते हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि नाग देवता जी के प्रति उनकी आस्था पीढ़ियों से चली आ रही है और इस परंपरा को आगे बढ़ाना उनके लिए सौभाग्य की बात है। रक्षा बंधन के अवसर पर शुरू हुई छत्र यात्रा के दौरान गांव-गांव में धार्मिक गाथाओं की गूंज सुनाई देगी। श्रद्धालु अपने घरों में देवता का स्वागत कर पूजा-अर्चना करेंगे और आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। रक्षा बंधन पर शुरू हुई यह नौ दिवसीय धार्मिक यात्रा क्षेत्र की समृद्ध धार्मिक परंपरा, श्रद्धा और सामाजिक एकता का प्रतीक है।