चंडीगढ़: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, हरियाणा के अनुबंध कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार ने अंतर-जिला पुनर्नियोजन (Inter-District Re-deployment) के संबंध में नई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। एनएचएम हरियाणा के मिशन निदेशक डॉ. आर. एस. ढिल्लो ने बताया कि स्टेट हेल्थ सोसाइटी हरियाणा की कार्यकारी समिति को अनुबंधित कर्मचारियों की सेवा नियमावली 2018 के क्लॉज 22 (छूट की शक्ति) तथा क्लॉज 12 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से यह फैसला लिया गया है।
डॉ ढिल्लो ने बताया कि इस नई नीति के तहत केवल उन आवेदनों पर विचार किया जाएगा जो निर्धारित दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन जमा किए जाएंगे और अधूरे आवेदनों को खारिज कर दिया जाएगा। पुनर्नियोजन की सुविधा पांच मुख्य श्रेणियों के कर्मचारियों को मिलेगी, जिनमें गंभीर क्रॉनिक या जानलेवा बीमारी अथवा दिव्यांगता से पीड़ित कर्मचारी, नाबालिग बच्चों का पालन-पोषण कर रहे एकल अभिभावक, 35 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित महिला कर्मचारी, निसंतान विधवा, तलाकशुदा या न्यायिक रूप से अलग रह रही महिलाएं शामिल हैं।
इसके अलावा यदि कर्मचारी के आश्रित पति-पत्नी, बच्चे या माता-पिता किसी गंभीर दिव्यांगता, ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी या मानसिक बीमारी से ग्रस्त हैं, या फिर पति-पत्नी दोनों में से कोई एक हरियाणा के किसी अन्य जिले या चंडीगढ़ में कार्यरत है (कपल केस), तो वे भी इस राहत के पात्र होंगे।