ऊना,सुशील पंडित: भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) ऊना में निदेशक प्रो. मनीष गौड़ की अगुआई में राष्ट्रीय हिंदी दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर संस्थान में गरिमामयी काव्य-संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदी भाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उसके साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय महत्व को रेखांकित करना तथा युवा पीढ़ी को हिंदी भाषा से जोड़ना रहा।
कार्यक्रम में संस्थान के कुलसचिव डॉ. रवि सैनी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि मूलभूत विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ. नमन गर्ग विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। संस्थान परिवार की ओर से दोनों अतिथियों का औपचारिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में संकाय सदस्य, अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. सत्येन्द्र कुमार, नोडल हिंदी अधिकारी, IIIT ऊना द्वारा शिक्षा मंत्री के संदेश के वाचन से हुआ। संदेश में हिंदी की समृद्ध परंपरा, राष्ट्रीय एकता में इसकी भूमिका तथा शिक्षा, प्रशासन और दैनिक जीवन में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर जोर दिया गया। संदेश ने उपस्थित लोगों को हिंदी के प्रचार-प्रसार और संरक्षण के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों ने अपनी स्वरचित हिंदी कविताएं प्रस्तुत कीं। कविताओं में हिंदी प्रेम, राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक गौरव, शिक्षा, समाज, प्रकृति और जीवन-मूल्यों जैसे विविध विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। कविताओं की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और काव्य-संध्या में साहित्यिक रंग भर दिया। उपस्थित लोगों ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों की जमकर सराहना की।
मुख्य अतिथि डॉ. रवि सैनी और विशिष्ट अतिथि डॉ. नमन गर्ग ने अपने संबोधन में हिंदी को केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और अस्मिता का महत्वपूर्ण वाहक बताया। उन्होंने कहा कि तकनीकी संस्थानों में भी हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता है, ताकि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और शोध के क्षेत्र में हिंदी की उपयोगिता और अधिक सशक्त हो सके। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी मातृभाषा पर गर्व करने तथा हिंदी के संरक्षण और संवर्धन में योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. सत्येन्द्र कुमार ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। राष्ट्रीय हिंदी दिवस के इस आयोजन से संस्थान में हिंदी भाषा के प्रति नई ऊर्जा, उत्साह और गौरव की भावना का संचार हुआ।