स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के अनुसार, यह पूरी सहभागिता पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड के तहत संचालित की जाएगी। इस सहयोग के अंतर्गत प्रसूति कक्षों (Labour rooms) और सिजेरियन सेक्शन (C-Section) ओटी सुविधाओं को आधुनिक बनाया जाएगा। नवजात शिशुओं की देखभाल (Neonatal care), उन्नत डायग्नोस्टिक सेवाएं और एम्बुलेंस सहायता सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा ,स्वास्थ्य कर्मचारियों की स्किल और कैपेसिटी बिल्डिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि यह समझौता ज्ञापन (MoU) शुरुआत में तीन वर्षों के लिए प्रस्तावित किया गया है।
दोनों पक्षों की आपसी सहमति और संतोषजनक प्रदर्शन के आधार पर इस अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकेगा। आरती सिंह राव ने उम्मीद जताई है कि इस एमओयू पर हस्ताक्षर होने के तुरंत बाद अटेली क्षेत्र में और इसके छह महीने के भीतर फर्रुखनगर और मीरपुर के सीएचसी (CHC) में गुणवत्तापूर्ण मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में बड़ा सुधार होगा। यह कदम राज्य के पिछड़े या कम सेवा वाले क्षेत्रों में माध्यमिक स्वास्थ्य सेवा वितरण (Secondary healthcare delivery) को सशक्त बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।
