रांचीः झारखंड के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तथा नगर विकास मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार का रविवार तड़के कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। अधिकारियों के अनुसार, उन्हें शनिवार देर रात गिरिडीह स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां करीब सुबह चार बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वह 56 वर्ष के थे।
गिरिडीह से विधायक सुदिव्य कुमार के पास उच्च एवं तकनीकी शिक्षा और नगर विकास के अलावा पर्यटन, कला एवं संस्कृति तथा खेल एवं युवा मामलों जैसे विभागों की भी जिम्मेदारी थी। वह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी सहयोगियों में शामिल थे। उनके निधन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो समेत कई नेताओं ने शोक जताया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुदिव्य कुमार को अपना बड़ा भाई बताते कहा कि उनका निधन उनके लिए ऐसी व्यक्तिगत क्षति है, जिसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। सोरेन के अनुसार, सुदिव्य कुमार झारखंड आंदोलन के दौर से ही पार्टी के साथ मजबूती से जुड़े रहे और उन्होंने झारखंड की पहचान, अधिकार और सम्मान के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
JMM ने भी सुदिव्य कुमार के निधन को पार्टी, सरकार और झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया। पार्टी ने कहा कि उनके असामयिक निधन से JMM परिवार स्तब्ध और दुखी है।
सुदिव्य कुमार 2019 में पहली बार गिरिडीह से झारखंड विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले कुमार ने JMM के भीतर कई संकटों के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 2024 में कथित भूमि धोखाधड़ी और धनशोधन मामले में हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के दौरान भी उन्होंने पार्टी के स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली थी।