जालंधर, ENS: गांव ड्रोली खुर्द में देर रात एक ही परिवार के पांच सदस्यों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतकों की पहचान 55 वर्षीय मनमोहन सिंह पुत्र आत्मा सिंह, उनकी पत्नी सरबजीत कौर, उनकी 2 बेटियां 32 वर्षीय ज्योति और 31 वर्षयी गोपी, ज्योति की बेटी 3 वर्षीय अमन के रूप में हुई हैं। वहीं इस मामले को लेकर देहात के एसएसपी मुखविंदर सिंह का बयान सामने आया है। मामले की जानकारी देते हुए एसएसपी ने कहा सूचना के बाद जब जांच की तो पता चला कि पैसे का लेन-देन ज्यादा होने के कारण मनमोहन सिंह और उसकी पत्नी ने अपने परिवार को मारकर सुसाइड कर लिया है। उन्होंने कहा कि मनमोहन का दामाद उनके पास आ गया है।
एसएसपी भुल्लर ने कहा कि घटना बीते दिन से पहले की लग रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से जांच के तथ्य सामने आ जाएंगे। वहीं मृतक मनमोहन का बेटा ऑस्ट्रेलिया में रहता है, उससे संपर्क हो गया है। केस रजिस्ट्र करके मामले की गहनता से जांच की जा रही है। मनमोहन के परिवार का 20 से 25 लाख रुपए का लेन-देन था, जोकि उन्होंने देना था। सुसाइड लेटर में ऐसा लग रहा है कि परिवार को इसके बारे में पता नहीं था। जिसके बाद मनमोहन ने ऐसा गलत कदम उठा लिया ।
वहीं दूसरी मृतक मनमोहन सिंह के दामाद फुगलाना निवासी सरबजीत सिंह ने बताया कि वह काफी देर से फोन कर रहे थे लेकिन कोई फोन नहीं उठा रहा था। जिसके चलते उसने गांव ड्रोली खुर्द में आकर देखा तो मनमोहन और सरबजीत कौर के शव पंखे से लटके हुए थे और अन्य के शव बिस्तर पर पड़े हुए थे। उन्होंने बताया कि मनमोहन सिंह आदमपुर डाकघर में प्रभारी थे। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें मनमोहन सिंह ने लिखा है कि उन्होंने आर्थिक तंगी के कारण कर्ज लिया था और उनका पता उनके परिवार वालों को पता था। जिससे घर में विवाद हो गया। जिसके चलते घरेलू विवाद और कर्ज से तंग आकर यह कदम उठाया है।
