जालंधर, ENS: एक बार फिर से वेरका दूध पीने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती है। दरअसल, वेरका मिल्क प्लांट में कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे है कि दूध की सप्लाई भी बंद हो सकती है। बता देंकि वह इससे पहले भी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर चुके है। लेकिन अब कयास लगाए जा रहे है कि वह दूध की सप्लाई बंद करने का ऐलान कर सकते है। अगर ऐसा हुआ तो लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती है।
यूनियन के प्रधान अनिल कुमार ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग है कि प्लांट में आउटसोर्सिंग भर्ती बंद की जाए। उन्होंने कहा कि वेरका मिल्क प्लांट में लंबे समय से काम कर रहे कच्चे मुलाजिमों को पक्का किया जाए। प्रधान का कहना है कि उन्हें हर बार सिर्फ झूठा वायदा कर धरना समाप्त करवा लिया जाता है। मगर उनकी मांगे पूरी नहीं की जा रही। अगर इस बार मांग पूरी नहीं हुई तो पूरे राज्य की दूध सप्लाई बाधित होगी।
अनिल कुमार ने कहा कि हम ऐसा कदम उठाना नहीं चाहते, मगर अधिकारियों द्वारा उन्हें अपने मांगों को लेकर मजबूर किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर वेरका मिल्क प्लांट में तैनात अफसर जितेंद्र पाल सिंह ने कहा कि एक-दो दिन में समस्या का हल कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मियों की मांगे जल्द पूरी की जाएगी। जिसके बाद दोबारा सारा काम सामान्य स्थिति से चलना शुरू हो जाएगा।
