जालंधर, ENS: पंजाब में धान की सरकारी खरीद आज से शुरू हो गई है। खरीद सीजन शुरू होने से पहले ही मंडियों में फसल की आवक शुरू हो गई है। इस बार फसल समय से पहले तैयार होने के कारण किसान धान लेकर मंडियों में पहुंच रहे हैं। सरकार ने खरीद के लिए जरूरी इंतजाम पूरे करने का दावा किया है। इस दौरान दाना मंडी में धान की खरीद को लेकर प्रबंधों का जायजा लेने के लिए कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत, डिप्टी कमिशनर वरजीत वालिया, मेयर विनीत धीर, राजविंदर कौर थियाड़ा पहुंचे। जहां कैबिनेट मंत्री ने कहा कि किसानों को फसल बेचने में किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि किसान लंबे समय से फसल को लेकर आस लगाई हुई थी और वह धान लेकर मंडियों में पहुंचे। इस दौरान किसानों की फसल 24 घंटों में खरीदा जाएगा और 48 घंटों में ही उसका भुगतान किया जाएगा। मान सरकार की अगुवाई में किसानों को कभी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। चेयरमैन की अगुवाई में मंडियों में पुख्ता प्रबंध किए गए है। इस दौरान किसानों से फसल मंडी में लाने की अपील की गई। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पिछले साल धान की खरीद का टारगेट 8 लाख टन रखा गया था, लेकिन बाढ़ के कारणों से कमी आ गई।
ऐसे में इस बार किसानों की फसल काफी अच्छी हुई है और सीजन में केंद्र के लिए 11 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है और इसे पूरा भी किया जाएगा। पहली बार धान को लेकर किसानों के चेहरे पर रौनक दिखाई दे रही है। ग्रेड-ए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2461 रुपये और सामान्य धान का एमएसपी 2441 रुपये प्रति क्विंटल है। ये दरें खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने तय की हैं। अधिकारियों को पेयजल, चिकित्सा, बिजली और अन्य जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरे राज्यों से धान पंजाब की मंडियों में न पहुंचे, इसके लिए भी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। खरीद व्यवस्था में पनग्रेन, मार्कफेड, पनसप, पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन और एफसीआई समेत सरकारी एजेंसियां शामिल होंगी।