जालंधरः देहात पुलिस ने नूरमहल क्षेत्र में हुए ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनकी पहचान सतनाम सिंह पुत्र शिंगारा सिंह निवासी मलोवाल, थाना महितपुर, व बब्बलू उर्फ लल्ला पुत्र राजू निवासी पंडोरी मोतुआ, थाना सदर नकोदर के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह हत्या आपसी रंजिश के चलते की गई थी। आरोपितों ने पहले मृतक की आंखों में मिर्च पाउडर डाला और फिर तेजधार दातर से वार कर उसकी हत्या कर दी।
ये कार्रवाई SSP हरविंदर सिंह के मार्गदर्शन में ग्रामीण पुलिस द्वारा की गई है। वहीं, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विनीत अहलावत, आई.पी.एस., पुलिस अधीक्षक (जांच), ओंकार सिंह बराड़, डीएसपी, सब डिवीजन नकोदर तथा इंस्पेक्टर पलविंदर सिंह, एसएचओ, थाना नूरमहल की अगुवाई में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने आधुनिक और तकनीकी तरीकों का उपयोग करते हुए आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
डीएसपी ओंकार सिंह बराड़ ने बताया कि 01 मार्च 2026 को दलीप सिंह पुत्र ध्यान सिंह निवासी पट्टी पुरेवाल, शंकर (थाना सदर नकोदर) द्वारा रिपोर्ट दर्ज करवाई गई कि उसका पुत्र इकबाल सिंह उर्फ बब्बलू 28 फरवरी 2026 को नकोदर से गांव रामपुर की ओर स्कूटर पर गया था। रास्ते में नूरमहल के पास नए बने हाईवे के नजदीक कच्चे रास्ते पर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा उस पर तेजधार हथियारों से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई।
मृतक की पहचान इकबाल सिंह उर्फ बब्बलू पुत्र दलीप सिंह निवासी पट्टी पुरेवाल, शंकर, थाना सदर नकोदर, जिला जालंधर, उम्र लगभग 44 वर्ष के रूप में हुई है, जो बब्बलू क्लॉथ हाउस, छोटा बाजार नकोदर से संबंधित था। इस संबंध में थाना नूरमहल में एफआईआर नंबर 32 दिनांक 01.03.2026 के तहत धारा 103 बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान सामने आया कि मृतक पिछले लगभग 17–18 वर्षों से अमरजीत सिंह कंग के घर रह रहा था और घर की देखभाल करता था। वहीं काम करने वाले सतनाम सिंह (मिस्त्री) और बब्बलू उर्फ लल्ला (मजदूर) के साथ उसके अक्सर विवाद होते रहते थे, जिससे आपसी रंजिश पैदा हो गई थी।
28 फरवरी 2026 को लगभग रात 8:30 बजे आरोपियों ने योजना बनाकर इकबाल सिंह को रास्ते में रोक लिया, उसकी आंखों में मिर्च पाउडर डाला और दरांती से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी मौके से मृतक का मोबाइल फोन और जरूरी दस्तावेज लेकर फरार हो गए।
पुलिस द्वारा तकनीकी जांच की मदद से 02 अप्रैल को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिसके बाद उन्हें अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा तथा आगे की पूछताछ जारी है।