जालंधर, ENS: नकोदर में अलमस्त बापू लाल बादशाह जी के तीन दिवसीय वार्षिक मेला चल रहा है। आज मेले का अंतिम दिन है। ऐसे में बापू लाल बादशाह जी के मेले में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी दोपहर करीब 2 बजे दरबार पहुंचने पर प्रबंधक कमेटी और भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री सैनी ने दरबार में माथा टेका और देश व प्रदेश की शांति, समृद्धि तथा आपसी भाईचारे के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जिस तरह हरियाणा प्रगति कर रहा है, उनकी इच्छा है कि पंजाब भी पीछे न रहे। सैनी ने प्रार्थना की कि पंजाब, जो कभी देश का नंबर-1 राज्य था, वह फिर से वही मुकाम हासिल करे और उससे भी तेज गति से आगे बढ़े।
प्रबंधक कमेटी की तरफ से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, उनके साथ आई हरियाणा की पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल और पूर्व मंत्री असीम गोयल को शॉल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर साई हंस दरवेश, जालंधर के पूर्व सांसद सुशील कुमार रिंकू, जिला प्रधान जगबीर बराड़, पूर्व जिला प्रधान मनीष धीर, शेफी चावला, दविंदर कलेर सहित कई प्रमुख नेताओं के अलावा अजय बजाज और आदित्य भटारा जैसे गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने बापू लाल बादशाह जी की प्रेरणा से गरीब कल्याण की दरगाह की आध्यात्मिक महिमा का भी जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि बापू लाल बादशाह जी की सोच हमेशा गरीब और जरूरतमंद व्यक्तियों की मदद करने की रही है। पंजाब के लोगों के प्रति अपनापन जताते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि यदि पंजाब के लोगों या उनके हरियाणा में रहने वाले रिश्तेदारों का कोई काम हो, तो वे निसंकोच उनसे संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे एक भाई के नाते उनका काम पूरा कराने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जब अपना संबोधन शुद्ध और सहज पंजाबी भाषा में दिया, तो दरबार परिसर तालियों से गूंज उठा। मंच संचालक ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि उनकी पंजाबी सुनकर ऐसा लगा ही नहीं कि वे हरियाणा के मुख्यमंत्री हैं, बल्कि ऐसा महसूस हुआ जैसे वे पंजाब के अपने ही मुख्यमंत्री हों।
