जालंधर, ENS: किसानों पर हर बार की तरह इस बार फिर से कुदरत की मार पड़ी। दरअसल, पंजाब में दो दिन पहले तेज बारिश और ओलावृष्टि के कारण एक बार फिर से किसानों की फसले खराब हो गई। ओलावृष्टि से किसानों की गेंहू की फसले बुरी तरह से खराब हो गई। जहां किसानों ने सरकार से गोद्दावरी की मांग की है। वहीं मामले की जानकारी देते हुए गुरप्रीत ने बताया कि उसके पास 15 खेत है। कुदरत की मार और जानवरों के कारण उसके 15 खेतों की फसले खराब हो गई। गुरप्रीत ने बताया कि उसके पास गेंहू, सरसों, गन्ना, मक्की सहित अन्य फसले है। जिसमें सारी फसलों को भारी मात्रा में नुकसान हुआ है।
इस दौरान गुरप्रीत ने कहा कि एक ओर तेज बारिश और ओलावृष्टि से गेंहू सहित अन्य फसले खराब हो गई। वहीं सूअरों के कारण मक्की की फसल उसकी खराब हो गई। गुरप्रीत ने कहा कि गेंहू एक खेत की औसतन 25 क्विंटल गेंहू उसे आनी थी, लेकिन बारिश और ओलावृष्टि के कारण 14 क्विंटल तक गेंहू रह गई। गुरप्रीत ने कहा कि पिछले साल उसकी फसले खराब हो गई थी। इस दौरान उससे जब पूछा गया कि सरकार की ओर से उसे कितना मुआवजा मिला। तो उसने कहा कि उसे कुछ नहीं मिला। गुरप्रीत ने कहा कि पिछले साल भी पटवारी, कानूनगो सहित कई अधिकारी आए, फसलों की गिद्दावरी की, लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से राहत केवल बड़े जमीनदारों को मिली। मीडिल क्लास के लोगों को कुदरत की मार का कोई सहारा नहीं मिला।
