जालंधर, वरुण/हर्षः लोकसभा उपचुनाव से पहले सरकार के खिलाफ NHM के ठेका मुलाजिमों ने मोर्चा खोल दिया है। जिसके चलते आज मजदूर दिवस पर NHM के ठेका मुलाजिमों ने वाल्मीकि चौक पर धरना लगा दिया। NHM के ठेका मुलाजिमों द्वारा लगाए गए धरने में अकाली दल के सीनियर नेता बिक्रम मजीठिया भी बैठ गए। दरअसल, ठेका मुलाजिमों का कहना है कि आप सरकार ने सत्ता में आने से पहले जो वादे किए थे, अब वह उन वादों से मुकर रही है। ठेका मुलाजिमों ने पम्पलेट जारी कर आप सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

इस दौरान उन्होंने आप सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाए और आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने ठेका मुलाजिमों को गुमराह किया है। जारी पम्पलेट में मुलाजिमों का कहना है कि अगर मान सरकार स्वास्थ्य विभाग जैसे अहम महकमे की योग प्रणाली द्वारा भर्ती किए और कोरोना काल में बेहतरीन सेवाएं देने वाले मुलाजिमों को नजर अंदाज करती है तो यह पंजाब के लोगों के साथ और पिछले 15 सालों ठेका प्रथा के शिकार इन 1000 मुलाजिमों के परिवार के साथ धोखा है। एनएचएम कर्मचारी संघ और आशा वर्कर्स एंड फैसिलिटेटर्स यूनियन ने देश भगत यादगार हॉल में सरकार के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र में कच्चे कर्मचारी को पक्का करने की मांग की गई। कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष वाहिद मुहम्मद ने कहा कि सरकार की नीतियों के आधार पर पूरी प्रक्रिया के बाद कर्मचारियों की भर्ती की गई है। वे नियमित कर्मचारियों की तुलना में पूरी सेवाएं दे रहे हैं लेकिन उन्हें जो वेतन मिल रहा है वह लगभग एक तिहाई के करीब है।
कर्मचारी नेताओं का कहना था कि सरकार बड़े दावे करके लोगों को मूर्ख बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन अब जमाना बदल चुका है। मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री शोर मचा रहे हैं कि 28 हजार कर्मचारी पक्के कर दिए, लेकिन सरकार ब्लैक एंड व्हाइट में कुछ तो दिखाए कितनों को पक्का किए। उन्होंने चैलेंज किया कि सरकार एक भी कच्चे मुलाजिम को पक्का करने का नियुक्ति पत्र दिखाएं। सब अफवाहें हैं और वोटों के लिए झूठ का सहारा लिया जा रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि NHM में 10 हजार मुलाजिम कार्यरत हैं, जिन्होंने कोरोना वॉरियर्स का खिताब दिया गया था आज वह सड़कों पर भटक रहे हैं।
