HomeGovernment Newsकरदाताओं के विश्वास और प्रौद्योगिकी-आधारित प्रशासन का परिचायक है

करदाताओं के विश्वास और प्रौद्योगिकी-आधारित प्रशासन का परिचायक है

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पंजाब में जी.एस.टी. प्राप्ति में दर्ज 24.45% की शानदार वृद्धि

चंडीगढ़ : पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज बताया कि राज्य ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए जी.एस.टी. (वस्तु एवं सेवा कर) की वसूली में 24.45% की शानदार वृद्धि दर्ज की है। इसके साथ ही कारोबार को प्रोत्साहन देने के लिए जी.एस.टी. रिफंड के रूप में रणनीतिक तौर पर ₹1,270 करोड़ जारी किए गए, जो करदाताओं के विश्वास तथा मजबूत, प्रौद्योगिकी-आधारित प्रशासन पर आधारित एक फलती-फूलती अर्थव्यवस्था को दर्शाता है।

यहाँ जारी प्रेस बयान के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के बेहतरीन प्रदर्शन की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “कुल जी.एस.टी. वसूली बढ़कर ₹7,833.45 करोड़ हो गई है, जिसे 9% की अभूतपूर्व एस.जी.एस.टी. नकद विकास दर का समर्थन प्राप्त है, जो 3% की राष्ट्रीय औसत से तीन गुना अधिक है। इसके साथ ही राज्य के राजस्व की पूर्ण सुरक्षा के लिए सख्त नियमों के तहत जुर्माने के रूप में ₹633 करोड़ वसूले गए हैं।”

वित्त मंत्री ने कहा कि कुल ₹7,833.45 करोड़ की जी.एस.टी. वसूली पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि के दौरान प्राप्त ₹6,294.57 करोड़ की तुलना में ₹1,538.88 करोड़ की कुल वृद्धि को दर्शाती है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय निरंतर आर्थिक गतिविधियों, बेहतर कर अनुपालन तथा आबकारी एवं कर विभाग में चल रहे प्रशासनिक सुधारों को दिया। उन्होंने कहा, “जी.एस.टी. में ₹1,538 करोड़ से अधिक तथा वैट/सी.एस.टी. वसूली में ₹242 करोड़ से अधिक की वृद्धि राज्य की राजस्व संग्रह रणनीति की प्रभावशीलता और पंजाब की वित्तीय स्थिति की स्पष्ट मजबूती को सिद्ध करती है।”

कर चोरी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि विभाग के व्यापक प्रवर्तन अभियान के शानदार परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा, “पहली तिमाही के दौरान लगभग ₹633 करोड़ का जुर्माना लगाया और वसूला गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि के दौरान वसूले गए ₹207 करोड़ की तुलना में रिकॉर्ड 207% की वृद्धि है।” केवल जून 2026 में की गई विशेष कार्रवाई का विवरण देते हुए आबकारी एवं कर मंत्री ने कहा, “इस दौरान ₹225 करोड़ का जुर्माना लगाया गया और फर्जी बिल बनाने तथा धोखाधड़ीपूर्ण पंजीकरण में शामिल फर्जी करदाताओं के खिलाफ 20 एफ.आई.आर. दर्ज की गई हैं।” इसके अलावा, विभाग ने वैट प्रणाली के तहत लंबे समय से लंबित बकाया की वसूली में तेजी लाने के लिए इस महीने संपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू की, जिससे बकाया के रूप में लगभग ₹14 करोड़ सफलतापूर्वक प्राप्त किए गए।

वास्तविक और ईमानदार कारोबारों के समर्थन के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “बाजार में नकद तरलता में सुधार तथा ‘कारोबार करने में आसानी’ को बढ़ावा देने के लिए समय पर जारी किए गए कुल ₹1,270 करोड़ के जी.एस.टी. रिफंड में से केवल स्टेट जी.एस.टी. हिस्से का योगदान ₹713.70 करोड़ रहा।” उन्होंने जोर देकर कहा, “सख्त प्रवर्तन और करदाताओं को सुविधाएँ प्रदान करना साथ-साथ चल रहे हैं और ये प्रवर्तन कार्रवाइयाँ सार्वजनिक राजस्व की रक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। आबकारी एवं कर विभाग ईमानदार करदाताओं को समय पर रिफंड, सरल प्रक्रियाओं और पारदर्शी प्रशासन के माध्यम से सुविधाएँ प्रदान करने के लिए पूरी तरह समर्पित है, और यही संतुलित दृष्टिकोण आने वाले महीनों में भी विभाग के प्रयासों का मार्गदर्शन करता रहेगा।”

 

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