आग में झुलसी महिला ने पति पर लगाए गंभीर आरोप
ऊना/सुशील पंडित: टाहलीवाल में एक पति द्वारा अपनी पत्नी को जलाने की कोशिश का मामला सामने आया है। आगजनी करने वाला पति फरार है जिसके खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उपमंडल बंगाणा के राजली वन्याला गांव की रहने वाली जसविन्द्र कौर पत्नी नरेश भारद्वाज का पुलिस को दिए बयान में कहना है कि वह टाहलीवाल की एक आटा मिल में पिछले चार पांच साल से काम कर रही है। पांच साल पहले सर्पदंश के कारण उसके पहले पति की मृत्यु हो गई थी। उसके बाद से लगातार वह नरेश भारद्वाज के साथ पति पत्नी के रूप में रह रही थी। लिव-इन में रहने के बाद उसने समूरकलां के शिववाड़ी मंदिर में 2021 में शादी कर ली थी। शादी के बाद दोनों टाहलीवाल के इंडस्ट्रियल एरिया में सोहन लाल के मकान में किराये का कमरा लेकर रहने लगे। जसविंदर का कहना है कि शादी के बाद मेरे पति पागलों जैसी हरकतें करते रहे। पता किया तो मालूम हुआ कि वह कोई नशा करते हैं। लगभग 10 दिन पहले भी मेरे पति ने मुझसे मारपीट की और उसकी शिकायत महिला थाने में भी की गई थी।
महिला थाने में उसने बयान दिए थे कि वह अपने पति से तलाक चाहती है और उसकी मारपीट से तंग आकर उसके साथ एक छत के नीचे नहीं रहना चाहती। मगर 31 मार्च शुक्रवार को उसका पति फिर से कमरे पर आया और उसके साथ मारपीट की। शिकयात में लिखा गया है कि जसविंदर कौर ने पति को काफी समझाया लेकिन नशे में होने के चलते उसने पत्नी की एक न सुनी। खाना बनाने के बाद जब वह घर के कार्यों में व्यस्त थी तब उसने कहा कि वह उसे जान से मार देगा। वह बाहर से एक डिब्बा लाया जिसमें पीले रंग का का तरल पदार्थ था। उसने तरल एक टी-शर्ट पर डाला और लाइटर से उसमें आग लगा दी। तरल के कुछ छींटे उसके कपड़ों पर भी पड़ गए और उनमें भी आग लग गई। मगर उसने जलती हुई टीशर्ट अपनी पत्नी के ऊपर फेंक दी। जलती टीशर्ट के संपर्क में आने से महिला के कपड़ों में भी आग लग गई। वह चिल्लाने लगी लेकिन आस-पड़ोस में अनेक लोगों में से कोई भी उसकी सहायकता के लिए नहीं आया। मुश्किल से उसने नल खोला और उसके नीचे बैठकर अपनी जान बचाई। जबतक वह वापस आई तबतक कमरे का सामान धू धू कर जल रहा था। उसने शिकायत में बताया है कि उसके पति ने फिर नल के नीचे जाकर अपने कपड़ों में लगी आग को भी बुझाया। मैं घबरा गई थी और अपनी मिल के मालिक राकेश कौशल के घर जाकर उन्हें अपनी आपबीती सुनाई। उस समय उनकी माता और बेटी सान्या कौशल भी मौजूद थीं। मेरी दयनीय स्थिति देखकर सान्या कौशल ने मेरे जले हुये कपड़े बदलवाये और मुझे हरोली अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में मैं पुलिस को सारी बात नहीं बता पाई थी। अब मैने पुलिस को सारा मामला बता दिया है। मैं चाहती हूं कि मेरे पति से मुझे बचाया जाए। घटना के बाद से ही जसविंदर का पति फरार है। पुलिस ने उसके बयानों के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर पति की तालाश शुरू कर दी है।