जालंधर, ENS: सिद्ध शक्तिपीठ श्री देवी तालाब मंदिर में दो दिन पहले हुई पत्थरचाजी को लेकर मामला गरमा गया है। दरअसल, दो दिन पहले नगर निगम के मेयर वीनित धीर की शुकराना यात्रा के दौरान श्री देवी तालाब मंदिर में ईंट पत्थर चलाने वाले बदमाशों के खिलाफ संत समाज और श्री तालाब मंदिर प्रबंधन कमेटी की ओर से पुलिस कमिशनर दफ्तर में शिकायत दी गई। शिकायत में मंदिर के अंदर पत्थरबाजी करने वाले बदमाशों पर कड़ी कार्रवाई और मंदिर के अंदर सिक्योरिटी भी बढ़ाने की बात रखी गई। भारत साधू समाज की ओर से महंत बंसीदास ने कहा कि प्रसिद्ध शक्तिपीठ सिद्ध शक्तिपीठ श्री देवी तालाब मंदिर में हुई घटना निंदनीय हैं।
सिद्ध शक्तिपीठ श्री देवी तालाब मंदिर करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है। देश-विदेश से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु यहां माता श्री त्रिपुरमालिनी जी के दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। इतना ही नहीं, पंजाब की 450 से अधिक मंदिर समितियां भी श्री सिद्ध शक्तिपीठ श्री देवी तालाब मंदिर से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई हैं। ऐसे प्रतिष्ठित एवं ऐतिहासिक धार्मिक स्थल में कुछ असामाजिक एवं शरारती तत्वों द्वारा पत्थरबाजी, हंगामा, तोड़फोड़ तथा धार्मिक मर्यादा को भंग करने की घटना समूचे सनातन समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली है।
मंदिर परिसर में हुई इस घटना से श्रद्धालुओं में भय, अफरा-तफरी और असुरक्षा का वातावरण पैदा हो गया। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुरक्षा खतरे में पड़ गई तथा मंदिर का पवित्र धार्मिक वातावरण भी प्रभावित हुआ। यह केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि सनातन धर्म की आस्था और करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं पर सीधा प्रहार है। वहीं पुलिस की ओर से दोषियों को गिरफ्तार करके उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है और दोषियों की गिरफ्तारी को लेकर टीमें तैनात कर दी गई है, जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करके सख्त कार्रवाई की जाएगी।