बददी,सचिन बैंसल: हिमाचल प्रदेश में अपनी तरह की पहली अत्याधुनिक एडवांस ऑटोमेशन MSME टेक्नोलॉजी सेंटर, बददी में स्थापित की गई है। आधुनिक इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन सिस्टम से लैस यह लैब प्रदेश के युवाओं को उद्योग 4.0 और समार्ट मैनुफैक्चरिंग की आधुनिक तकनीकों से जोडऩे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
यहां विद्यार्थियों के साथ इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स, डिप्लोमा व ढ्ढञ्जढ्ढ प्रशिक्षुओं, रूस्रूश्वह्य और इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स को वर्तमान औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध करवाया जाएगा। टेक्नोलॉजी सेंटर बददी के उप महाप्रबंधक सुखमन सिंह ने प्रेस से बातचीत करते हुए बताया कि नई एडवांस ऑटोमेशन लैब में पीएलसी प्रोगरामिंग, मितशुबीसी रोबोट, इलेक्ट्रो न्यूमैटिक्स 4.0 जैसी अत्याधुनिक तकनीकों पर हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे प्रशिक्षणार्थियों को आधुनिक मशीनों और ऑटोमेशन सिस्टम पर स्वयं कार्य करने के साथ वास्तविक औद्योगिक प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री तेजी से ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग की ओर बढ़ रही है। ऐसे में उद्योगों को नई तकनीकों की व्यावहारिक समझ रखने वाले कुशल युवाओं की आवश्यकता है। इस लैब की स्थापना का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक शिक्षा तक सीमित न रखकर उन्हें आधुनिक उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है। डीजीएम सुखमन सिंह ने बताया कि एडवांस ऑटोमेशन लैब का उपयोग विभिन्न लॉन्ग टर्म एवं शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग प्रोग्राम, कस्टमाइज्ड इंडस्ट्री ट्रेनिंग, स्किल अपग्रेडेशन प्रोग्राम और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन से जुड़े कंसल्टेंसी प्रोजेक्ट्स के लिए भी किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों के साथ क्षेत्र के उद्योगों और सूक्ष्म एवं लघु तथा मध्यम उद्यम को भी आधुनिक ऑटोमेशन तकनीकों को समझने और अपनाने में सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह लैब नवीनतम औद्योगिक ऑटोमेशन कौशल से लैस भविष्य के लिए तैयार कार्यबल विकसित करने की दिशा में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह सुविधा प्रदेश के युवाओं की प्रैक्टिकल लर्निंग को मजबूत करने के साथ समार्ट मैनुफैक्चरिंग और इंडस्ट्री 4.0 के क्षेत्र में कुशल तकनीकी पेशेवरों की बढ़ती मांग को पूरा करने में भी मददगार साबित होगी। नई लैब का लाभ इंजीनियरिंग विद्यार्थियों, डिप्लोमा धारकों, आईटीआई प्रशिक्षुओं, स्टार्टअप्स, उद्यमियों, एमएसएमई और इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स को मिलेगा। यहां आधुनिक ऑटोमेशन टेक्नोलॉजी के साथ रियल-टाइम इंडस्ट्रियल एप्लीकेशन का अनुभव मिलेगा। इसके अलावा यह सुविधा उद्योग आधारित रिसर्च, इनोवेशन और नई तकनीकों को अपनाने को भी बढ़ावा देगी। मिशन रोजगार हिमाचल के प्रांत अध्यक्ष डा रणेश राणा ने भी आज संस्थान का दौरा किया और नई आटोमैशन लैब के लिए छात्रों व शिक्षकों को बधाई दी एवं छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना की।
डिप्लोमा इन मकैनिकल इंजीनियरिंग कुछ सीटें शेष-सुखमन
डीजीएम रू सुखमन सिंह ने बताया कि रूस्रूश्व टेक्नोलॉजी सेंटर बददी में डिप्लोमा इन मकैनिकल इंजीनियरिंग भी करवाया जा रहा है, जिसमें विद्यार्थियों को सैद्धांतिक शिक्षा के साथ आधुनिक मशीनरी और इंडस्ट्री आधारित प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाती है। सेंटर का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान ही ऐसे तकनीकी कौशल प्रदान करना है, जिनकी वर्तमान मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री में मांग है। उन्होंने बताया कि डिप्लोमा इन मकैनिकल इंजीनियरिंग में प्रवेश प्रक्रिया जारी है और अब कुछ ही सीटें शेष हैं।
तकनीकी एवं मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में अपना करियर बनाने के इच्छुक विद्यार्थी उपलब्ध सीटों पर प्रवेश के लिए जल्द आवेदन कर सकते हैं। टेक्नोलॉजी सेंटर बददी आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग, कौशल विकास, तकनीकी प्रशिक्षण और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। सेंटर की यह पहल भारत सरकार के मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया और आत्म निर्भर विजन के अनुरूप युवाओं को भविष्य की तकनीकों और आधुनिक उद्योगों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।