खरड़ अलीपुर में 5.32 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा मल्टीपरपज कुश्ती हॉल
चण्डीगढ: हरियाणा के लोक निर्माण एवं जन स्वास्थय अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि हरियाणा की खेल नीति सबसे अच्छी नीति है, जिसके चलते ओलंपिक और कॉमनवेल्थ जैसे खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों ने सबसे अधिक पदक जीते है। खेल सुविधाओं के साथ वित्तीय सहायता भी दी जाती है। पदक जीतने पर कैश अवार्ड भी सबसे अधिक हमारे प्रदेश में दिया जाता है। साथ ही खिलाड़ियों को योग्यता के अनुरूप नौकरी भी दी जाती है।
कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा रविवार को हिसार के गांव खरड़ अलीपुर में मल्टीपरपज कुश्ती हॉल की आधारशिला रखी। इस परियोजना पर करीब 5.32 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। मल्टीपरपज कुश्ती हॉल बनने से क्षेत्र के खिलाड़ियों को बेहतर अभ्यास एवं खेल सुविधाएं मिलेंगी तथा युवाओं को कुश्ती सहित अन्य खेलों में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में खेल अधोसंरचना विकसित करने के साथ-साथ युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है। परियोजना के तहत मल्टीपरपज हॉल, कार्यालय क्षेत्र, खिलाड़ियों के लिए शौचालय, स्टोर रूम, कर्मचारियों एवं आमजन के लिए पार्किंग स्थलों तथा चारदीवारी का निर्माण किया जाएगा।
गांव खरड़ और अलीपुर की फिरनी निर्माण कार्य मंजूर कर लिया गया है, जिसपर जल्द ही कार्य आरंभ होगा। एससी चौपाल के लिए भी और पैसे दिए जाएंगे ताकि सभी निर्माण कार्य जल्दी पूर्ण हो। उन्होंने कहा कि वंचित वर्ग के उत्थान की दिशा में सरकार द्वारा निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। लाडो लक्ष्मी योजना का दायरा बढ़ाया गया है। अगले माह से 1 लाख 80 हज़ार आय वर्ग वाले परिवारों को भी योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नया भारत विश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र के स्वप्न को साकार करने की दिशा में नित नई योजनाएं व कार्यक्रम लागू किया जा रहे हैं।
प्रजापति समाज के लाभार्थियों को मिले भूमि अधिकार प्रमाण पत्र
उन्होंने प्रजापति समाज के लोगों को मिट्टी कला से संबंधित कार्यों के लिए भूमि अधिकार प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। गांव खरड़ के 98 लाभार्थियों तथा गांव अलीपुर के 226 लाभार्थियों को भूमि अधिकार प्रमाण पत्र प्रदान किए गए हैं। मिट्टी कला से जुड़े परिवारों को उनके परंपरागत कार्य के लिए भूमि अधिकार मिलने से उन्हें अपना व्यवसाय सुचारू रूप से करने में सुविधा होगी। सरकार समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है।