टीबी उन्मूलन के प्रयासों को गति देने के लिए सांसद एवं विधायक भी अभियान से जुड़े
चंडीगढ़: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि हरियाणा प्रदेश ‘टीबी मुक्त भारत’ के संकल्प को सशक्त कर रहा है। टीबी उन्मूलन के प्रयासों को गति देने के लिए राज्य के सांसद एवं विधायक भी इस अभियान से जुड़ गए हैं।
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश को ‘टीबी मुक्त’ बनाने तथा टीबी के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत करने के लिए अपने संकल्प को दोहराया है। इस दिशा में टीबी उन्मूलन के प्रयासों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए समुदाय आधारित एवं समन्वित दृष्टिकोण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
आरती सिंह राव ने बताया कि टीबी के गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रभाव और इसके उन्मूलन के लिए जमीनी स्तर पर निरंतर एवं समन्वित प्रयासों की आवश्यकता को देखते हुए, हरियाणा के प्रत्येक जिले से सांसदों एवं विधायकों को ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के जिला स्तरीय चेयरपर्सन के रूप में अभियान से जोड़ा गया है। क्योंकि जनप्रतिनिधियों का समाज के साथ सीधा एवं व्यापक जुड़ाव होता है, ऐसे में जिला स्तरीय चेयरपर्सन के रूप में उनकी भूमिका टीबी के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने, समुदाय को सक्रिय रूप से अभियान से जोड़ने, समय पर जांच एवं उपचार के लिए लोगों को प्रेरित करने, टीबी से जुड़े सामाजिक भ्रम एवं कलंक को दूर करने तथा जिले में टीबी उन्मूलन से संबंधित गतिविधियों के प्रभावी समन्वय में महत्वपूर्ण होगी।
इस पहल का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्य विभाग, स्थानीय निकायों, सामुदायिक संगठनों एवं आमजन को एक साझा मंच पर लाकर टीबी उन्मूलन के प्रयासों को और अधिक प्रभावी एवं जन-आंदोलन का स्वरूप देना है। जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता से टीबी की रोकथाम, समय पर पहचान और उपचार पूरा करने का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
हरियाणा ने राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के तहत टीबी की पहचान, जांच एवं उपचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। प्रदेश में बेहतर केस डिटेक्शन, मजबूत जांच सुविधाओं, प्रभावी उपचार परिणामों तथा बढ़ती सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से टीबी उन्मूलन के प्रयासों को निरंतर गति दी जा रही है। हालांकि, टीबी का पूर्ण उन्मूलन तभी संभव है जब समाज के प्रत्येक स्तर पर साझी जिम्मेदारी और सामूहिक भागीदारी सुनिश्चित हो।
जिला स्तरीय चेयरपर्सन अपने-अपने जिलों में अभियान को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाने तथा टीबी के खिलाफ एक मजबूत सामुदायिक आंदोलन के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस स्वतंत्रता दिवस पर हरियाणा यह संकल्प दोहराता है कि बीमारी से मुक्ति भी एक स्वस्थ एवं गरिमापूर्ण जीवन की स्वतंत्रता का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सामूहिक प्रयासों और जनभागीदारी के माध्यम से प्रदेश ‘टीबी मुक्त हरियाणा’ और ‘टीबी मुक्त भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि “आइए, टीबी मुक्त हरियाणा के लिए एकजुट हों ताकि प्रदेश स्वस्थ हो।”
उधर , टीबी (क्षय रोग) के उन्मूलन को लेकर जारी प्रयासों को नई दिशा देने के लिए ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत जिलावार अध्यक्षों की सूची जारी की गई है। इस अभियान की कमान राज्य के जनप्रतिनिधियों सांसदों और विधायकों को सौंपी गई है, ताकि वे अपने-अपने जिलों में स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और अभियान के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित कर सकें।
जारी की गई सूची के अनुसार, अंबाला जिले में सांसद रेखा शर्मा और नारायणगढ़ विधायक शैली चौधरी को कमान सौंपी गई है। भिवानी में भिवानी विधायक घनश्याम सर्राफ और बवानी खेड़ा विधायक कपूर सिंह अध्यक्ष पद संभालेंगे। चरखी दादरी में दादरी विधायक सुनील सतपाल सांगवान और बाढड़ा विधायक उमेद सिंह को जिम्मेदारी दी गई है। फरीदाबाद में बल्लभगढ़ विधायक मूलचंद शर्मा, फरीदाबाद एनआईटी विधायक सतीश कुमार फागना और बड़खल विधायक धनेश अदलखा को अध्यक्ष बनाया गया है।
फतेहाबाद में सांसद कार्तिकेय शर्मा और रतिया विधायक जरनैल सिंह, जबकि गुरुग्राम में सोहना विधायक तेजपाल तंवर, पटौदी विधायक बिमला चौधरी और गुरुग्राम विधायक मुकेश शर्मा अभियान का नेतृत्व करेंगे। हांसी में विधायक विनोद भयाना तथा हिसार में विधायक सावित्री जिंदल और नलवा विधायक रणधीर सिंह पनिहार अध्यक्ष रहेंगे। इसी तरह, झज्जर में बहादुरगढ़ विधायक राजेश जून, जींद में विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री व विधायक राम कुमार गौतम, और कैथल में पुंडरी विधायक सतपाल जांबा को जिम्मेदारी दी गई है। करनाल में इंद्री विधायक राम कुमार कश्यप, करनाल विधायक जगमोहन आनंद, असंध विधायक योगिंदर सिंह राणा और नीलोखेड़ी विधायक भगवान दास सहित चार जनप्रतिनिधियों को दायित्व सौंपा गया है।
कुरुक्षेत्र में सांसद नवीन जिंदल अभियान की अगुवाई करेंगे, जबकि महेंद्रगढ़ में नारनौल विधायक ओम प्रकाश यादव और महेंद्रगढ़ विधायक कंवर सिंह अध्यक्ष होंगे। नूंह में सांसद संजय भाटिया और विधायक मोहम्मद इलियास, तथा पलवल में होडल विधायक हरिंदर सिंह और विधायक मोहम्मद इसराइल को जिम्मेदारी मिली है।पंचकूला में कालका विधायक शक्ति रानी शर्मा, पानीपत में पानीपत विधायक प्रमोद कुमार विज व समालखा विधायक मनमोहन भड़ाना, और रेवाड़ी में रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण सिंह यादव, कोसली विधायक अनिल यादव व बावल विधायक डॉ. कृष्ण कुमार को कमान दी गई है।
रोहतक में सांसद धर्मवीर सिंह और सिरसा में सांसद सुभाष बराला अध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे। सोनीपत जिले में राई विधायक कृष्णा गहलावत, खरखौदा विधायक पवन खरखौदा, गन्नौर विधायक देवेंद्र कादियान और सोनीपत विधायक निखिल मदान को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं यमुनानगर में यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा और साढौरा विधायक रेणु बाला अभियान की कमान संभालेंगे।
इस पहल से प्रदेश के सभी 23 जिलों और पुलिस/प्रशासनिक क्षेत्रों में टीबी उन्मूलन अभियानों की गति में तेजी आने और जनप्रतिनिधियों के सीधे जुड़ाव से जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।