दिल्ली: सरकार द्वारा पिछले कुछ महीनों में थोक मार्कीट में कीमतें घटने के बावजूद खुदरा बाजार में दाल की कीमतें घटने का नाम नहीं ले रहीं। इसपर कार्रवाई करते हुए सरकार ने एक बड़ा एक्शन लिया है। होलसेल मार्कीट में तो सभी दालों के दामों में 5 से 20 प्रतिशत तक कम हुई हैं, लेकिन सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद रिटेल मार्कीट में कीमतें अभी भी ज्यादा बनी हुई हैं।
हाल ही में खाद्य आपूर्ति मंत्रालय के अधिकारियों ने दालों की कीमतों को लेकर रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया और बड़े रिटेल चेन कंपनियों के साथ महत्त्वपूर्ण बैठक की है। हिदायतों के बावजूद रिटेल मार्कीट में दाल की कीमतें में कमी न आने को लेकर सरकार ने अपनी नाखुशी जताई है। अब सरकार ने रिलेटर्स पर 15 से 20 प्रतिशत तक दाल की कीमतों में कमी लाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है। अगर इसके बावजूद भी दालों की कीमतों में कमी न आई तो सरकार खुले बाजार में दाल की सेल को बढ़ाने पर भी विचार कर सकती है।
क्या है दालों के दाम
भारतीय बाज़ार में दालों की कीमतों की बात करें तो उड़द दाल बीते साल 22 दिसंबर 2023 को 123.03 रुपए प्रति किलो में मिल रही थी जो अब 123.38 रुपए प्रति किलो में मिल रही है। मूंग दाल एक साल पहले 116.47 रुपए प्रति किलो में मिल रही और अब 113.02 रुपए में मिल रही है। मसूर दाल की कीमत एक साल पहले 93.97 रुपए प्रति किलो थी जो अब 88.55 रुपए प्रति किलो में मिल रही है। यहां तक कि भारत दाल के रूप में सरकार जो चना दाल बेचती है वह भी एक साल पहले 79.93 रुपए प्रति किलो में मिल रही थी और अब 88.12 रुपए प्रति किलो में मिल रही है। इससे साफ जाहिर है कि होलसेल प्राइस घटने के बावजूद उपभोक्ताओं को कीमतें घटने का लाभ नहीं मिल रहा है।