चंडीगढ़ : मत्स्य पालन विभाग द्वारा अनुसूचित जाति के लोगों के लिए “डेवलपमेंट ऑफ शेड्यूल्ड कास्ट फैमिली अंडर फिशरीज सेक्टर स्पेशल कंपोनेंट योजना” के अंतर्गत वर्ष 2026-27 के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। योजना के तहत अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को मछली पालन व्यवसाय से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का उद्देश्य रखा गया है। एक सरकारी प्रवक्ता ने इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया कि योजना के अंतर्गत पंचायत तालाब पट्टे पर लेने के लिए प्रथम वर्ष में पट्टा राशि का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर, जो भी कम हो, अनुदान के रूप में दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त द्वितीय एवं आगामी वर्षों में पट्टा राशि पर 40 प्रतिशत या अधिकतम 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता प्रदान की जाएगी।
रेहड़ी, जाल व खाद-खुराक पर भी सहायता
मत्स्य पालन विभाग द्वारा अधिसूचित पानी में मछली पकड़ने के लिए ठेकेदारों को स्वीकृत बोली का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 5 लाख रुपये तक की राशि प्रदान की जाएगी। वहीं रेहड़ी (स्टोव, गैस चूल्हा, बर्तन आदि सहित) खरीदने पर 60 प्रतिशत या अधिकतम 36 हजार रुपये प्रति लाभार्थी का अनुदान दिया जाएगा।इसी प्रकार मछली पालन हेतु खाद-खुराक पर कुल लागत 1 लाख 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का 60 प्रतिशत अथवा अधिकतम 90 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा, जाल खरीदने पर 60 प्रतिशत या अधिकतम 24 हजार रुपये प्रति लाभार्थी की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
