हिमाचल के किसानों को मिलेगा यूनिक आईडी, एग्रीस्टैक योजना लागू
ऊना/ सुशील पंडित: हिमाचल प्रदेश के किसानों के लिए अब ऑनलाइन फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य कर दिया गया है। बंगाणा उपमंडल के कृषि विभाग अधिकारी सतपाल धीमान ने स्पष्ट किया कि किसानों को मिलने वाली सरकारी योजनाओं और सुविधाओं को पारदर्शी तथा सुगम बनाने के उद्देश्य से एग्रीस्टैक कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत राज्य के प्रत्येक किसान को एक यूनिक पहचान संख्या (यूनिक आईडी) प्रदान की जाएगी, जिसके माध्यम से किसानों को भविष्य में मिलने वाली सभी सरकारी योजनाओं और आर्थिक सहायता का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
कृषि विभाग के अनुसार एग्रीस्टैक कार्यक्रम के अंतर्गत किसानों की भूमि से संबंधित रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण किया जाएगा। इससे किसानों का पूरा डाटा ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र किसानों तक पहुंचाने में सुविधा होगी। विभाग ने बताया कि किसान अपनी फार्मर रजिस्ट्री नजदीकी लोक मित्र केंद्र में जाकर निशुल्क करवा सकते हैं। इसके लिए किसानों को किसी प्रकार की फीस नहीं देनी होगी। कृषि विभाग बंगाणा के विषयवाद विशेषज्ञ सतपाल धीमान ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के सभी लाभार्थियों के लिए यह पंजीकरण करवाना अत्यंत आवश्यक है। जिन किसानों को सालाना 6000 रुपये की सहायता राशि मिल रही है, उन्हें अनिवार्य रूप से फार्मर रजिस्ट्री करवानी होगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में पीएम किसान योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ इसी यूनिक आईडी के माध्यम से दिया जाएगा।
कृषि विभाग बंगाणा अधिकारी द्वारा यह भी स्पष्ट किया है कि जिन किसानों का डाटा इस पोर्टल पर दर्ज नहीं होगा, उन्हें आने वाले समय में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए सभी किसानों से अपील की गई है कि वे जल्द से जल्द अपनी फार्मर रजिस्ट्री करवा लें ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। अधिकारियों के अनुसार यह सुविधा केवल प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के पात्र किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे किसान भी इस पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं जो इस योजना के दायरे में नहीं आते हैं। एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण होने से किसानों को सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और अन्य लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सकेंगे।
कृषि विभाग ने किसानों से आग्रह किया है कि वे अपने नजदीकी लोक मित्र केंद्र में जाकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ जल्द से जल्द पंजीकरण करवाएं और सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का पूरा लाभ उठाएं। इससे प्रदेश के किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।