चंडीगढ़: हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने आज पंचकूला के सेक्टर-26 स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर में सफाई व्यवस्था, कक्षाओं में पठन-पाठन का माहौल तथा विद्यार्थियों को दी जा रही विभिन्न बुनियादी सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने स्कूल के कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय और खेल के मैदान का अवलोकन किया। उन्होंने स्कूल में पाई गई व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करने के साथ-साथ सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। ढांडा ने कहा हरियाणा सरकार राज्य के सरकारी स्कूलों को बेहतरीन सुविधाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि गरीब से गरीब बच्चे को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
विद्यालय के अध्यापकों एवं प्रशासनिक स्टाफ के साथ संवाद करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता होते हैं। उन्होंने स्टाफ को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को और अधिक बेहतर, आधुनिक एवं प्रभावकारी तरीकों से शिक्षा प्रदान की जाए। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अध्यापकों को पढ़ाई के नए और रोचक तरीकों का समावेश करना चाहिए ताकि विद्यार्थियों में सीखने के प्रति स्वाभाविक रुचि पैदा हो सके।
मंत्री महीपाल ढांडा ने शिक्षा के साथ-साथ खेलों के महत्व पर विशेष जोर देते हुए कहा कि केवल किताबी ज्ञान ही काफी नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के लिए खेलों में भी सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए। हरियाणा खेलों की भूमि है और हमारे विद्यालयों से ही भविष्य के ओलंपियन और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार होते हैं।
मंत्री ने स्कूल प्रशासन को निर्देश दिए कि वे बच्चों को खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए निरंतर प्रोत्साहित करें और उन्हें आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मॉडल संस्कृति स्कूलों की परिकल्पना सरकारी शिक्षा प्रणाली को निजी स्कूलों से बेहतर बनाने के उद्देश्य से की गई है। सरकार इन स्कूलों में शिक्षकों की क्षमता निर्माण और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है।

