चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य में सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए बड़े प्रयास करते हुए डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने आज सभी फील्ड यूनिटों को पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने और पुलिस गश्त को रणनीतिक नाकों, मोबाइल गश्त तथा वाहनों की जांच के माध्यम से और मजबूत करने के निर्देश दिए, ताकि लोगों में पुलिस का भरोसा और बढ़ाया जा सके और उनके लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
डीजीपी यहां अपने कार्यालय में जिलों/कमिश्नरेटों के पर्यवेक्षण अधिकारियों के रूप में तैनात सीनियर स्पेशल डीजीपी/एडीशनल डीजीपी/आईजीपी/डीआईजी रैंक के अधिकारियों, रेंज आईजीपी/डीआईजी, सभी पुलिस कमिश्नरों (सीपी) और सभी सीनियर पुलिस सुपरिंटेंडेंट (एसएसपी) के साथ वर्चुअल मोड के माध्यम से राज्य स्तरीय कानून एवं व्यवस्था समीक्षा मीटिंग की अध्यक्षता कर रहे थे। इस मीटिंग का मुख्य केंद्र पंजाब सरकार की प्रमुख पुलिसिंग प्राथमिकताओं पर जोर देना, अपराध स्थिति की समीक्षा करना और पूरे राज्य में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाना था।
डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “मैंने सभी सीपी और एसएसपी को अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में पुलिस नाके बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इन नाकों पर अधिक से अधिक वाहनों की अच्छी जांच करने और अपराधिक तत्वों को रोकने तथा पूरे पंजाब में पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल गश्त में तेजी लाने को भी कहा गया है।” उन्होंने जिला पुलिस प्रमुखों को आम लोगों में सुरक्षा और विश्वास को और मजबूत करने के लिए अधिक से अधिक पुलिस फोर्स की तैनाती सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। मीटिंग के दौरान, डीजीपी ने पंजाब सरकार की दो प्रमुख पहल – ‘युद्ध नशियां विरुद’ और ‘गैंगस्टरां ते पर वार’ की प्रगति की विस्तृत समीक्षा भी की।
बड़े रणनीतिक बदलाव का खुलासा करते हुए डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि नशों के कारोबार में पैसे की सप्लाई रोकने के लिए पंजाब पुलिस गैर-कानूनी हवाला ऑपरेटरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई पर जोर दे रही है। डीजीपी ने आगे कहा, “हमारी जांच और प्राथमिकता उन मनी सप्लायर्स पर केंद्रित है जो मध्य-पूर्वी देशों के रास्ते फंडिंग को गैर-कानूनी हवाला नेटवर्क का उपयोग करके पाकिस्तान भेज रहे हैं। नशीले पदार्थों के व्यापार के फंडों को चैनलाइज करने वाले इन नेटवर्कों को पूरी तरह से तबाह कर दिया जाएगा और दोषियों को जल्द न्याय के घेरे में लाया जाएगा।”
लोक-केंद्रित पुलिसिंग पर जोर देते हुए डीजीपी ने सभी सीपी और एसएसपी को आम लोगों और पुलिस फोर्स के बीच आपसी तालमेल बढ़ाने के निर्देश दिए। जिला प्रमुखों को पुलिस-जनता की भागीदारी को और मजबूत करने के लिए विभिन्न स्थानीय एसोसिएशनों, नागरिकों और ग्राम रक्षा समितियों (वीडीसी) के साथ लगातार मीटिंगें करने को भी कहा गया।

