जालंधर, ENS: ऑस्ट्रिया के साल्जबर्ग शहर में स्थित कूल मामा होटल में पगड़ीधारी सिख युवक को एंट्री ना मिलने को लेकर मामला गरमा गया है। दरअसल, मोहाली में ट्रेडिंग फर्म चलाने वाले सिख युवक जसप्रीत ने दावा किया कि होटल मैनेजमेंट ने कहा कि पगड़ी वाले यहां नहीं रह सकते। उन्होंने 27 अगस्त को होटल की ऑनलाइन बुकिंग कराई थी। जब निकालने का कारण पूछा तो बताया गया कि होटल का ड्रेस कोड है, यहां पगड़ी की इजाजत नहीं है। इनसे रिफंड मांगा तो पैसा रिफंड नहीं किया गया। जसप्रीत ने इसका वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है।
होटल मैनजमेंट ने कहा कि बुकिंग से पहले ही हमने अपनी वेबसाइट पर मेंशन किया है कि पगड़ी वालों के लिए होटल, रेस्टोरेंट और बार बुक नहीं होगा। जसप्रीत ने 27 अगस्त को वीडियो शेयर किया। उन्होंने बताया कि हम इस समय ऑस्ट्रिया के साल्जबर्ग शहर में मौजूद हैं और यहां कूल मामा नाम के होटल में ठहरने के लिए पहुंचे थे। यहां हमारे साथ जो व्यवहार हुआ है, उसने पूरी यात्रा का मजा खराब कर दिया है। एक पर्यटक के तौर पर किसी खूबसूरत शहर में आकर ऐसी स्थिति का सामना करना निराशाजनक है। होटल मैनेजमेंट मेहमानों के साथ अजीब और अपमानजनक रवैया अपना रहा है, जिससे किसी भी यात्री का मन दुखी होना स्वाभाविक है।
होटल के रेस्टोरेंट में जाने पर हमें साफ कह दिया गया कि यहां पगड़ी (दस्तार) पहनकर आना अलाउड नहीं है। जब हमने इस बात का विरोध किया और कहा कि यह हमारी धार्मिक पहचान है, तो उन्होंने सही ढंग से जवाब नहीं दिया। होटल कर्मचारियों का कहना था कि यह उनके रेस्टोरेंट का नियम और ड्रेस कोड है, जो इंटरनेट पर पहले से लिखा हुआ है। वे अपनी इस अजीबोगरीब शर्त पर अड़े रहे और हमें रेस्टोरेंट से बाहर कर दिया। जब हमें रेस्टोरेंट में एंट्री नहीं दी, तो हमने अपनी बुकिंग रद्द करके रिफंड की मांग की। इस पर होटल मैनेजमेंट ने साफ तौर पर मना कर दिया कि वे एक भी पैसा वापस नहीं करेंगे। हमने उनसे कहा कि रिफंड आप अपने पास ही रख लो, हमें पैसों का कोई चक्कर या लालच नहीं है। हमारे लिए पैसों से ज्यादा बड़ा पगड़ी का सम्मान है।
मैं इससे पहले दुनिया के बहुत से देश घूम चुका हूं। मैं स्विट्जरलैंड गया हूं, जर्मनी गया हूं और यूरोप के कई अन्य हिस्सों की यात्रा कर चुका हूं, लेकिन आज तक कहीं भी ऐसा सिस्टम देखने को नहीं मिला कि किसी ने पगड़ी पर पाबंदी लगाई हो। हर जगह धार्मिक पहचान का सम्मान किया जाता है। पर यहां रेस्टोरेंट तो दूर, पूरे होटल के माहौल में पगड़ी को लेकर पाबंदी दिखाई गई। यह कोई मामूली नियम नहीं, बल्कि प्योर रेसिज्म है। जसप्रीत ने कहा कि यह एक ऐसा वाकया है जो किसी भी पगड़ीधारी या सम्मानजनक पर्यटक के साथ नहीं होना चाहिए।
इसलिए मेरी आप सभी से हाथ जोड़कर अपील है कि अगली बार जब भी आप या आपका कोई जानकार ऑस्ट्रिया के साल्जबर्ग शहर में आने का प्लान बनाए, तो इस कूल मामा होटल को पहले ही अच्छी तरह चेक कर लें। कोई भी इंसान यहां भूलकर भी बुकिंग न कराए, ताकि ऐसे नस्लवादी और अपमानजनक रवैये वाली होटल मैनेजमेंट को सही सबक मिल सके। कूल मामा होटल ने अपनी वेबसाइट पर स्काई रेस्तरां और ब्रेकफास्ट के लिए ड्रेस कोड और कुछ सख्त नियम बताए हैं। होटल प्रबंधन के मुताबिक, रेस्तरां के शांत और खास माहौल को बनाए रखने के लिए मेहमानों से शालीन और उपयुक्त पहनावा रखने की उम्मीद की जाती है।