जालंधर, ENS: लेक्चरर नेहा हत्याकांड की जांच के बीच मेहर एन्क्लेव में करीब सवा करोड़ रुपए की कोठी को लेकर सतपाल कौर के पति विशाल का दावा है कि यह कोठी उसकी पत्नी ने धोखे से अपने नाम करवाई और बाद में बॉयफ्रेंड उमंग के साथ मिलकर इस पर कब्जा कर लिया। विशाल शर्मा के मुताबिक, उसकी सतपाल कौर से फेसबुक पर दोस्ती हुई थी। धीरे-धीरे दोनों करीब आए और दोस्ती प्यार में बदल गई। 20 मई 2015 को दोनों ने लव मैरिज की। विशाल का कहना है कि शादी से एक दिन पहले सतपाल तीन कपड़ों में अकेली उसके घर आ गई थी, जिसके बाद परिवार ने सादगी से दोनों की शादी कराई। वह पत्नी पर पूरा भरोसा करता था और इसी वजह से कभी उसके रिश्तों पर शक नहीं किया। विशाल के मुताबिक, उसने अपनी पूरी नौकरी की जमा पूंजी इस कोठी को बनाने में लगा दी थी। इसके अलावा उसकी मां ने गहने दिए और पिता ने पटियाला का प्लाट बेचकर कंस्ट्रक्शन के लिए पैसे दिए थे।
आरोप है कि सतपाल कौर ससुराल के पटियाला वाले घर में रहने के बजाय मेहर एन्क्लेव की इसी कोठी में रहती थी और यहीं उमंग से यहां सीक्रेट मीटिंग करती थी। विशाल का दावा है कि पत्नी ने उसे कहा था कि इस प्रॉपर्टी के कागज में कुछ गलत है। इसके लिए उसे हैदराबाद से बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। ये कहकर उसने पावर ऑफ अटॉर्नी अपने नाम करवा ली। पति का अब कोठी और अपनी बेटी को सतपाल कौर से लेने के लिए केस चल रहा है। सतपाल कौर के पास इसके अलावा भी 2 प्रॉपर्टी हैं जो इसके माता-पिता ने इसे दी हैं। विशाल का आरोप है कि पैसा और प्रॉपर्टी पर नजर के चलते उमंग ने पत्नी सतपाल कौर को जाल में फंसाया और अपनी पत्नी नेहा का मर्डर किया। विशाल ने बताया कि नौकरी के सिलसिले में वह बाहर रहता था, जबकि सतपाल जालंधर में रहना चाहती थी। पत्नी की इच्छा पर उसने मेहर एंक्लेव के कुक्की ढाब में कोठी नंबर 62 बनवाया।
विशाल के अनुसार, कोठी के लिए उसने अपनी कमाई लगाई और पिता द्वारा प्लॉट बेचकर दिए गए पैसे भी इसमें लगाए। पत्नी खुश रहे इसके लिए वो उसकी मांगों को मानता रहा। विशाल के मुताबिक, हैदराबाद नौकरी करने के कारण कोठी से जुड़े कामों के लिए सतपाल कौर ने उससे पावर ऑफ अटॉर्नी अपने नाम करवाने को कहा। उसने भरोसा करके हामी भर दी। आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर सतपाल ने कोठी की ट्रांसफर डीड अपने नाम करवा ली। इसका पता उसे 3 फरवरी 2026 को चला, जब थाने में पुलिस ने उसके पिता से दस्तखत करवाए। विशाल का आरोप है कि समय के साथ सतपाल छोटी-छोटी बातों पर उससे झगड़ने लगी। वह उसका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर देती थी और बेटी की बातचीत भी दादा-दादी से बंद करवा दी थी। समझाने पर कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकियां देने लगी। विशाल का दावा है कि वह माता-पिता से भी इसलिए विवाद करती थी, ताकि जालंधर में अकेले रह सके।
विशाल ने बताया कि करीब तीन साल पहले कोठी का काम पूरा होने के बाद उसने अपने माता-पिता को भी वहां रहने के लिए भेजा था। आरोप है कि सतपाल ने उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया, जिसके बाद वे वापस पटियाला चले गए। विशाल का दावा है कि उसे बाद में शक हुआ कि पत्नी नहीं चाहती थी कि घर में कोई और रहे। विशाल के अनुसार, घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का एक्सेस उसके मोबाइल पर था। एक दिन सतपाल घर से निकलने से पहले करीब दो घंटे के लिए कैमरे बंद कर गई। पूछने पर उसने कोई साफ जवाब नहीं दिया। कैमरे बार-बार बंद होने से उसका शक बढ़ता गया और उसे लगा कि घर में उससे कुछ छिपाया जा रहा है। विशाल के मुताबिक, 3 फरवरी 2026 को वह अचानक जालंधर पहुंचा। इसी दौरान उसे पत्नी और उमंग बस्सी के रिश्ते के बारे में पता चला।
उसका दावा है कि जिस कोठी को उसने परिवार और पत्नी की सुविधा के लिए बनवाया था, वहीं उमंग का आना-जाना था। पत्नी के रिश्ते का पता चलने के बाद जब वह जालंधर आया तो सतपाल ने उमंग बस्सी से उस पर हमला करवाया। उसके मुताबिक, उमंग ने गाली-गलौज की, थप्पड़ मारे, कमीज फाड़ दी और गर्दन दबाने की कोशिश की। घटना में उसे खरोंचें आईं। इसके बाद उसने सिविल अस्पताल में मेडिकल जांच कराई और थाना डिवीजन नंबर 7 में लिखित शिकायत दी। विशाल का आरोप है कि जब वह शिकायत लेकर थाना डिवीजन नंबर 7 पहुंचा तो उमंग और सतपाल पहले से वहां मौजूद थे। उसका दावा है कि दोनों ने राजनीतिक दबाव बनाकर पुलिस कार्रवाई रुकवा दी। विशाल के मुताबिक, इसके बाद पुलिस ने उसे ही लॉकअप में बंद कर दिया और उसके माता-पिता को जेल भेजने की धमकी देकर खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवाए।