चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विभिन्न योजनाओं के तहत 50 लाख 28 हजार 208 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे 1 हजार 890 करोड़ 16 लाख रुपये की राशि जारी की। इनमें दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की किस्त, बुजुर्गों व दिव्यांगों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जरूरतमंद परिवारों को दयालु योजना की आर्थिक सहायता, गृहिणियों को गैस सब्सिडी, किसानों को भावांतर भरपाई शामिल है।

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को हरियाणा निवास में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि आज ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना की 11वीं किस्त जारी की गई है। इसके तहत 10 लाख 10 हजार लाभार्थी बहन-बेटियों के खातों में 212 करोड़ 16 लाख रुपये डाले गए हैं। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एवं वित्त एवं योजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण गुप्ता, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के आयुक्त एवं सचिव के. मकरंद पांडुरंग, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के निदेशक डॉ. आदित्य दहिया तथा अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) विवेक कालिया, मनीष लोहान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
35 लाख से अधिक लाभार्थियों को 1,129 करोड़ रुपये की सामाजिक सुरक्षा पेंशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विभिन्न 15 सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत 35 लाख 6 हजार 841 लाभार्थियों के खातों में 1 हजार 129 करोड़ 5 लाख रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की गई है। इनमें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, दिव्यांग भत्ता सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन शामिल हैं।
5 लाख बहनों को 19.68 करोड़ रुपये की गैस सब्सिडी
‘हर घर-हर गृहिणी योजना’ के तहत जुलाई माह में गैस सिलेंडर रिफिल करवाने वाली 5 लाख बहनों के बैंक खातों में आज 19 करोड़ 68 लाख रुपये की सब्सिडी भी ट्रांसफर की गई है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। आज जारी राशि को मिलाकर अब तक 14 लाख 65 हजार पात्र बहनों के बैंक खातों में कुल 359 करोड़ 82 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है।
राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि गरीब, किसान, महिला, बुजुर्ग, दिव्यांग और जरूरतमंद परिवारों के साथ-साथ उद्यमियों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और समयबद्ध तरीके से मिले। पारदर्शी व्यवस्था, डीबीटी और प्रो-एक्टिव मॉडल के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि पात्र व्यक्ति को लाभ लेने के लिए किसी कार्यालय के चक्कर न काटने पड़ें।