नई दिल्ली: अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी के साथ गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना के बाद अब चीन ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। चीन के विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस रिलीज जारी किया है। उन्होंने इस प्रेस रिलीज में अमेरिका की इस कार्रवाई को संप्रभु राष्ट्र के खिलाफ खुला सैन्य बल प्रयोग करते हुए कड़ी निंदा की है। बयान में यह बोला गया है कि किसी संप्रभु देश के राष्ट्रपति के खिलाफ ऐसी सैन्य कार्रवाई करना अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन है। चीन ने यह कहा है कि अमेरिका का ऐसा रवैया उसकी वर्चस्व वादी सोच को दर्शा रहा है।
चीन ने दी चेतावनी
चीन ने अमेरिका को चेतावनी दे दी है। उसने कहा कि यह कार्रवाई वेनेजुएला की संप्रभुता को ही नुकसान नहीं पहुंचाती बल्कि पूरे लैटिन अमेरिका और कैरेबियन क्षेत्र की शांति और सुरक्षा को भी खतरे में डालती है। बीजिंग ने यह साफ शब्दों में कह दिया है कि ऐसे कदम क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ावा देंगे।
अमेरिका ने कर दी ये अपील
चीन ने अपने बयान में अमेरिका से अपील कर दी है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों व सिद्धांतों का सम्मान करें। इसके साथ ही अन्य देशों की संप्रभुता और सुरक्षा का उल्लंघन करने वाली कार्रवाई तुरंत बंद कर दें। अमेरिका ने पूरी तैयारी के साथ वेनेजुएला के राष्ट्रपति को गिरफ्तार करने के लिए अपनी फोर्स भेजी थी।
कई देशों में बढ़ी चिंता
मादुरी की गिरफ्तारी के बाद दुनिया के कई देशों में चिंता बढ़ती जा रही है। इसी बीच चीन के द्वारा दी गई प्रतिक्रिया से यह साफ पता चलता है कि यह मामला सिर्फ अमेरिका और वेनेजुएला तक ही नहीं है बल्कि वैश्विक राजनीति में भी इसके दूर तक असर देखने को मिलेंगे। आने वाले दिनों में बाकी देशों की प्रतिक्रियाओं से भी संकट और गहरा हो सकता है।