बहराइचः उत्तर प्रदेश में परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। पहले ही जहां मिड डे मील व ड्रेस वितरण को लेकर सवाल उठते रहे हैं, वहीं, अब स्कूलों में निश्शुल्क बंटने के लिए आई नए सत्र 2026-27 की किताबों को कबाड़ी को बेचने का मामला उजागर हुआ है। जिला बहराइच में सरकारी स्कूल के बच्चों को बंटने के लिए आई किताबें कबाड़ी को बेच दी गईं। पुलिस ने कबाड़ी के यहां छापा मारकर 13 हजार किताबें बरामद की हैं।
इस धांधली को पकड़ने के बाद प्रशासन ने बहुत सख्त कदम उठाए हैं। इस मामले में शिक्षा विभाग (BSA ऑफिस) के चपरासी आलोक मिश्रा के साथ-साथ कबाड़ी दिलशाद, शुभांकर और अर्जुन को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है। विभाग ने इस धोखेबाजी को देखते हुए कर्मचारी आशुतोष सिंह, दीपक कुमार और अतुल सिंह को तुरंत नौकरी से निकाल दिया है। ब्लॉक ऑफिसर डॉली मिश्रा और अकाउंट ऑफिसर वीरेश वर्मा पर कार्रवाई के लिए सरकार को चिट्ठी लिखी गई।
बताया जा रहा है कि ये किताबें कबाड़ी के जरिए उत्तराखंड जानी थी। किताबों से भरा कंटेनर लखीमपुर खीरी जिले से वापस मंगवाई गई है। मामले को गंभीरता से लेकर डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, किताबों से लदे कंटेनर को पुलिस ने कब्जे में लेकर सीज कर जांच शुरू की है। मुरादाबाद जिले के नंबर लिखे कंटेनर में लदी किताबें रामगांव इलाके में स्थित दिलशाद कबाड़ी के यहां बिकने पहुंची। सूत्र बताते हैं कि 4 रुपये किलोग्राम के हिसाब से किताबाें को खरीदने का सौदा तय हुआ।