मलेरकोटला की बेटियों को स्वतंत्रता दिवस का तोहफा दिया
मलेरकोटला: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज मलेरकोटला में लड़कियों के लिए नए पांच-मंजिला सरकारी स्कूल भवन का उद्घाटन किया और इसे पंजाब की बेटियों के लिए स्वतंत्रता दिवस का विशेष तोहफा बताया। उन्होंने बताया कि 6.39 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को 6.34 करोड़ में पूरा करके सरकारी खजाने के 5.25 लाख रुपये बचाए गए हैं, जबकि विद्यार्थियों को लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लासरूम, कॉमन रूम और वॉशरूम जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है।
इसके अलावा 15,000 से अधिक लड़कियों को विशेष बस सेवाएं दी जा रही हैं ताकि घर से दूरी उनकी पढ़ाई में बाधा न बने। इसके साथ ही गरीब परिवारों के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विस्तार करने के लिए 118 ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ स्थापित किए जा रहे हैं।

स्कूल का उद्घाटन करने के बाद कुछ खास बातें साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर लिखा: “आज मलेरकोटला में लड़कियों के लिए नए पांच-मंजिला सरकारी स्कूल का उद्घाटन किया। यह परियोजना 6.34 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हुई है, जिससे सरकारी खजाने के 5.25 लाख रुपये की बचत हुई है। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर यह हमारी बेटियों के लिए विशेष तोहफा है।
हमारे लगातार प्रयासों के कारण पंजाब आज शिक्षा के क्षेत्र में देश भर में पहले नंबर पर है। सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों की नीट और 361 विद्यार्थियों की जे.ई.ई. में सफलता इस बदलाव की बड़ी मिसाल है। लड़कियों की पढ़ाई बिना किसी रुकावट के जारी रहे, इसके लिए 15,000 से अधिक छात्राओं को विशेष बस सेवाएं दी जा रही हैं। इंकलाब जिंदाबाद।”
इमारत का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह नया स्कूल विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षिक सुविधाएं प्रदान करेगा और साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, रोजगार, बुनियादी ढांचे और महिला कल्याण के क्षेत्र में पंजाब सरकार की उपलब्धियों को भी दर्शाता है।” नयी इमारत को मलेरकोटला की बेटियों के लिए तोहफा बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह स्कूल 80वें स्वतंत्रता दिवस पर हमारी बेटियों को समर्पित है। यह पांच-मंजिला इमारत 54,000 वर्ग फुट के क्षेत्र में फैली हुई है और इसमें लाइब्रेरियां, वॉशरूम और एक अच्छे स्कूल के लिए आवश्यक सभी आधुनिक सुविधाएं होंगी। मलेरकोटला और नजदीकी गांवों के विद्यार्थी अब अपने घरों के नजदीक ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।”
पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में किए गए बदलाव पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जब मैंने 2022 में पदभार ग्रहण किया था तो पंजाब शिक्षा के मामले में 27वें नंबर पर था। यह संख्या हमारी सरकार और उन लोगों के बीच बड़े अंतर को दर्शाती है, जिन्होंने कभी स्कूलों और शिक्षा की चिंता नहीं की।” निजी स्कूलों की फीस निर्धारित करने संबंधी राज्य सरकार की पहल को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा सत्र में राज्य सरकार द्वारा पंजाब भर के 7,800 निजी स्कूलों के 32 लाख से अधिक विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाने वाला कानून लाया गया है। इन स्कूलों को अपनी फीस में पांच प्रतिशत से अधिक वृद्धि न करने के निर्देश दिए गए हैं।”

स्वास्थ्य सेवाओं में किए गए सुधारों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमने स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए पंजाब भर में 1,090 आम आदमी क्लीनिक खोले हैं और इन क्लीनिकों से 5 करोड़ से अधिक लोगों ने लाभ उठाया है। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा जल्द ही मालेरकोटला में नवाब शेर खान मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा। गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के साथ-साथ यह मेडिकल कॉलेज क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा।”
बुनियादी ढांचे के विकास के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार द्वारा लोगों की सुविधा के लिए राज्यभर में 43,000 किलोमीटर से अधिक ग्रामीण संपर्क सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। हम पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए भी अथक प्रयास कर रहे हैं और ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान ने पहले ही नशे के कारोबार की रीढ़ तोड़ दी है।”
पंजाब की खेल विरासत के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब भारतीय हॉकी में एक ऐतिहासिक अध्याय लिखने जा रहा है, क्योंकि राज्य द्वारा इस वर्ष अक्टूबर में पहली बार प्रतिष्ठित एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी की जा रही है। यह आयोजन पंजाब की पहचान को और मजबूत करेगा तथा युवाओं की नई पीढ़ी को खेलों की ओर जाने के लिए प्रेरित करेगा। पंजाब हमेशा से हॉकी की नर्सरी रहा है और हमारी धरती पर ऐसे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी हमारे युवाओं को खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगी।”
कृषि और सिंचाई में हो रही प्रगति पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब हर क्षेत्र में प्रगति और खुशहाली की ओर बढ़ रहा है, जिससे समाज के हर वर्ग को लाभ मिल रहा है। पहले के विपरीत, हमारे किसानों को अब दिन के समय बिजली मिल रही है, जिससे उनकी कठिनाइयां कम हुई हैं। जब मैंने पद संभाला था, तब राज्य में केवल 22 प्रतिशत नहरी पानी का इस्तेमाल हो रहा था। आज यह बढ़कर 88 प्रतिशत हो गया है।”
रोजगार और निवेश के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार ने बिना किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार के, पूरी तरह योग्यता के आधार पर युवाओं को 69,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं। हमारे निरंतर प्रयासों के कारण दुनिया भर के बड़े औद्योगिक दिग्गज पंजाब में निवेश करने के लिए आगे आ रहे हैं। ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह महत्वपूर्ण योजना पंजाब के प्रत्येक निवासी परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराती है। पंजाब इतनी व्यापक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करने वाला देश का पहला राज्य है। राज्य के नागरिक पहले ही 937 करोड़ रुपये से अधिक के मुफ्त उपचार का लाभ उठा चुके हैं, जिससे उनका वित्तीय बोझ काफी कम हुआ है और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच सुनिश्चित हुई है।”
‘मावां-धियां सत्कार योजना’ के बारे में मुख्यमंत्री ने बताया, “पहली बार हमने ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ शुरू की है, जिसके तहत पंजाब की 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी महिलाएं इस योजना का लाभ लेने की पात्र हैं। अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह, जबकि पंजाब की प्रत्येक महिला को 1,000 रुपये प्रति माह मिल रहे हैं।
पंजाब की सामाजिक एवं सामुदायिक एकता की रक्षा की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “राज्य के लोगों को उन विभाजनकारी शक्तियों से सावधान रहना चाहिए, जो राजनीतिक सत्ता हासिल करने के लिए पंजाबियों को सांप्रदायिक आधार पर बांटना चाहती हैं। पंजाब की भाईचारे की परंपरा को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब धार्मिक सद्भाव और स्वतंत्र विचारों वाली धरती है। यहां लोग मिल-जुलकर त्योहार मनाते हैं और अच्छे-बुरे समय में एक-दूसरे के साथ खड़े होते हैं।
सरकार के कार्यों के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार नए स्कूल और अस्पताल खोल रही है, सड़कें बना रही है और समाज के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। दूसरी ओर, कांग्रेस और अकाली केवल अपने और अपने परिवारों के बारे में सोचते हैं तथा उन्हें पंजाब और पंजाबियों की कोई चिंता नहीं है।”
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सुखबीर सिंह बादल को भ्रम में जीना छोड़ देना चाहिए। वे दिन चले गए जब ये पार्टियां आपस में ही कुर्सियां बदलती रहती थीं और सत्ता में अपनी बारी का इंतजार करती थीं।
उन्होंने दावा किया, “अब लोगों ने ‘आप’ को चुना है और झाड़ू पंजाब की राजनीतिक व्यवस्था की सफाई कर रहा है। सुखबीर दोबारा सत्ता में कभी नहीं आ सकता, लेकिन वह समय जरूर आएगा जब उनका पूरा परिवार अपने गलत कार्यों के लिए जेल की सलाखों के पीछे होगा।