देहरादूनः राजधानी देहरादून में करोड़ों रुपये की लागत से बना एक पुल फिर सवालों के घेरे में आ गया। दरअसल, प्रेमनगर-नंदा की चौकी के पास नेशनल हाईवे पर स्थित यह पुल महज 16 दिन पहले ही जनता के लिए खोला गया था। लेकिन पहली ही बरसात में पुल के एक हिस्से में भारी क्षति हो गई। पुल के ऊपर एक बड़ा जानलेवा गड्ढा बन गया। हालांकि पुलिस का कहना है कि एप्रोच रोड पर गड्ढा हुआ है।
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देहरादून से प्रेमनगर की और जाने वाले लोगों के लिए ये पुल सबसे बड़ा विकल्प है। इसी महीने 11 जुलाई की रात टौंस नदी के उफान ने ह्यूम पाइप के सहारे बनाई गई अस्थाई पुलिया को बहा दिया था, जिससे इलाके का संपर्क पूरी तरह टूट गया था। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग ने बचा काम निपटाकर 12 जुलाई से ही नवनिर्मित मुख्य पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू करा दी थी। तब इसे विभाग की बड़ी उपलब्धि बताया जा रहा था। लेकिन 16 दिनों में ही पुल में धंसाव आ गया। वहीं डीएम ने कहा कि दोषी अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
एहतियात के तौर पर पुलिस ने इस पुल पर वाहनों की आवाजाही रोक दी है। पिछले साल बरसात में बहने के बाद इस पुल का करीब 16 करोड़ की लागत से पुनर्निर्माण कराया गया था। पुल पहली मानसून की बारिश ही नहीं झेल पाया। अब इसके दोबारा क्षतिग्रस्त होने से निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बता दें कि इससे पहले 11 जुलाई की रात टौंस नदी के तेज बहाव में ह्यूम पाइप डालकर बनाई गई अस्थाई पुलिया धंस गई थी। आवाजाही के संकट को देखते हुए इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने द्रुत गति से काम पूरा कर 12 जुलाई से पुनर्निर्मित मुख्य पुल पर गाड़ियों का संचालन शुरू कराया था। नए पुल में बड़ा गड्ढा होने से एक बार फिर निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।

