राजस्थान : अजमेर में भाजपा नेता और पूर्व सभापति के साथ गलत इलाज और लाखो की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जानकरी देते हुए सुरेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि वह बीमारी से परेशान थे। जुलाई 2023 में साइंटिफिक रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑफ यूरोपियन वेलनेस बायोमेट्रिक ग्रुप-37, जुबली हिल्स, हैदराबाद का एजेंट अंकित शर्मा मिला। जिसने उन्हें आश्वासन दिया कि हैदराबाद में मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक रवि तेज अलाम स्टेमसेल थेरेपी से असंभव बीमारी का भी इलाज कर रहे हैं।
जिसके बाद रवि तेज अलाम अजमेर आया और शेखावत को गारंटीड इलाज के यूरोपियन वेलनेस के अनेक ब्रोशर दिखाए। जिसमे विदेशी डॉक्टरों द्वारा स्टेमसेल थेरेपी से गंभीर बीमारियों का इलाज करने का वर्णन था। जिसके देख वह हैदराबाद गए और 11 लाख 70 हजार रुपए कंपनी मैसर्स कॉश्यस स्टुडियोज प्राइवेट लिमिटेड में जमा करवा दिये।
शेखावत को बेरिटास रिहैब एंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया और डिस्चार्ज होने पर वह अजमेर आ गए। जब उन्हें कोई आराम नहीं मिला, तो जुलाई 2023 में हैदराबाद बुलाया और वहां पर पुनः इंजेक्शन दिया। लेकिन फिर भीबीमारी से कोई निजात नहीं मिला। जब उन्होंने अजमेर व जयपुर के डॉक्टर्स से विचार-विमर्श किया, तो पता चला कि भारत में जानवरों के भ्रूण में से निकाले गए स्टेमसेल का इलाज अभी तक एमसीआई व आईसीएमआर द्वारा प्रमाणित नहीं किया गया है।
पीड़ित शेखावत के मुताबिक हैदराबाद के सेंटर संचालकों ने 18 लाख 95 हजार हड़प कर उनके जीवन को खतरे में डाल दिया। अलवर गेट थाना पुलिस ने रवि तेज अलाम, डॉ. माइक चान, डॉ. साइमन तथा बेरिटास अस्पताल के डॉक्टरों पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।