बेंगलुरुः बेंगलुरु में टेक दिग्गज कैपजेमिनी कंपनी के कैंपस में बने एक डे-केयर सेंटर का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसकी हर जगह चर्चा है। वायरल वीडियो में एक महिला वीडियो बना रही है और दूसरी महिला एक मासूम पर पानी की बौछारें मार रही है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि एक महिला ने पहले बच्चे को बाथरुम में बंद कर दिया और वह रो रहा है। जिसपर महिला उसको टॉयलेट सीट पर बैठाकर टॉयलेट जेट से पानी की तेज बौछारें मारती है और वॉशिंग मशीन में बंद कर देती है। इस मामले में जब एक कर्मचारी ने आवाज उठाई तो कंपनी ने कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया। वीडियो वायरल होने के बाद 5 केयरगिवर्स पर केस दर्ज हुआ है।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि सेंटर में करीब 50 से 60 बच्चे रजिस्टर्ड हैं, जिनमें से 15-20 बच्चे रोज आते थे। अधिकारियों को पहले भी यहां बाल उत्पीड़न का शक था, लेकिन कोई सबूत नहीं मिल पा रहा था। इससे पहले भी एक कर्मचारी ने इसकी शिकायत सुपरवाइजर से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा, आवाज उठाने वाले उस व्हिसलब्लोअर को नौकरी से निकाल दिया गया।
इस डेकेयर सेंटर में बच्चों के साथ लंबे समय से अमानवीय व्यवहार किया जा रहा था। इस हैवानियत का खुलासा तब हुआ जब शिकायतकर्ता ने इस हफ्ते घटना के बेहद खौफनाक वीडियो शेयर किए। एक वीडियो में देखा गया कि महज दो साल के मासूम बच्चों को वॉशिंग मशीन के अंदर बैठाकर उन पर पानी की तेज बौछारें मारी जा रही थी। अन्य वीडियो में बच्चों को अंधेरे बाथरूम में बंद देखा गया।
इसके अलावा परिवीक्षा अधिकारी तिलकराज कुमार ने बताया कि जो लोग बच्चों की देखभाल के लिए रखे गए थे, वही उन्हें प्रताड़ित कर रहे थे। जब बच्चे रोते थे या आवाज करते थे, तो उन्हें चुप कराने के लिए वॉशिंग मशीन में डाल दिया जाता था या बाथरूम में बंद कर दिया जाता था।
वीडियो सामने आने के बाद बाल हेल्पलाइन पर शिकायत की गई, जिसके तुरंत बाद बाल संरक्षण टीम ने पुलिस स्टेशन जाकर एफआईआर दर्ज कराई। इस मामले में 5 केयरगिवर्स के खिलाफ पुलिस केस दर्ज किया गया है। इसके साथ ही मामले के सबूत और वीडियो कर्नाटक राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को सौंप दिए है।

