फिरोजपुरः शहर के थाना सिटी फिरोजपुर में उस समय हंगामा हो गया जब एएसआई और एसएचओ एक आरोपी को हिरासत में लेने और उसे छुड़वाने के मामले में आमने-सामने हो गए। दोनों ने जमकर एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। एएसआई और एसएचओ की बहसबाजी की वीडियो भी सामने आई है। एएसआई रमन ने कहा कि एसएचओ गुरमीत सिंह ने उन्हें सभी के सामने जलील किया। वहीं दूसरी तरफ, SHO ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। फिलहाल पुलिस के सीनियर अधिकारी इस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
जानकारी देते हुए एएसआई रमन ने कहा कि एक केस में किसी व्यक्ति को उन्होंने पकड़ा था। एसएचओ गुरमीत सिंह ने उन्हें कहा कि उसे छोड़ दो। उन्होंने कहा कि ये आरोपी है मैंने आर्डर करवाए और इसके बाद इसे लेकर आया हूं। उन्हें नहीं पता कि एसएचओ साहिब को किसी अधिकारी का फोन आया है या आरोपी इनका कोई अपना है। उन्होंने कहा कि एसएचओ गुरमीत सिंह उनके कमरे में आए और उस आरोपी को उनसे खींच कर खुद ले गए। एसएचओ ने आरोपी को उस समय खींचा जब वह उससे पूछताछ कर रहा था।
उन्होंने एसएचओ गुरमीत से कहा कि सर, मैंने इससे पूछताछ करनी है अभी। मुझे ये मामला सीनियर अधिकारियों के ध्यान में लाने दो, लेकिन उन्होंने उसकी एक नहीं सुनी। एएसआई के मुताबिक उनसे खींचातानी भी हुई जिसमें एसएचओ से मेरी नेम प्लेट टूट गई। उन्होंने ये मामला सीनियर अधिकारियों के ध्यान में ला दिया है। उन्होंने कहा कि एसएचओ गुरमीत ने उनसे आरोपी छीना है और उन्हें सबके सामने जलील किया है। उन्होंने कहा, मैंने मीडिया के समक्ष पूरे होश में अपना पक्ष रखा है। मैं थानेदार हूं। लोगों को इंसाफ दिलवाना मेरा काम है। यदि मैं इंसाफ नहीं दिलवाउंगा तो कौन दिलवाएगा।
दूसरी ओर, इस मामले में एसएचओ गुरमीत सिंह का कहना है कि थाने में कैमरे लगे हैं। किसी तरह का यहां कोई विवाद नहीं हुआ है। उन्होंने किसी की नेम प्लेट नहीं उतारी। पूरे थाने में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के कैमरे लगे हैं। यदि उनका कही कोई कसूर सामने आता है तो उन पर कार्रवाई हो। यदि उनका कोई कसूर नहीं है तो सीनियर अधिकारी के साथ गलत व्यवहार करने पर वह ASI के खिलाफ कार्रवाई करवाएंगे।