पंचकूला: सेक्टर-21 में स्थित एक कोठी में पुलिस की डिटेक्टिव टीम ने छापेमारी की। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने वुमन प्रीमियर लीग के मैचों पर ऑनलाइन सट्टा लगाने वाले एक हाई-टेक गिरोह को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मौके से सात आरोपी गिरफ्तार किए हैं।
यह सभी मोबाइल और लैपटॉप के जरिए ही बड़े लेवल पर सट्टेबाजी का कारोबार चला रहे थे। डिटेक्टिव स्टाफ के इंचार्ज मनदीप सिंह को 12 जनवरी को गुप्त सूचना मिली थी। उन्हें पता चला था कि सेक्टर-21 की एक किराए की कोठी में यूपी और बैंगलोर के बीच चल रहे क्रिकेट मैच पर हार-जीत की बाजी लगाई जा रही है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने तुरंत दबिश दी। इस दौरान आरोपी तकनीकी उपकरणों की मदद से ऑनलाइन सट्टा खेलते हुए रंगे हाथ पकड़े गए। पकड़े गए आरोपियों की पहचान पवन महाजन (चंडीगढ़), अमित भाटिया (पंचकूला), समीर वधवा (चंडीगढ़), अंकित अग्रवाल (पंचकूला), अनिल कुमार (चंडीगढ़), निपुण अरोड़ा (पंचकूला) और अंशु शर्मा (जम्मू) के तौर पर हुई है।
एसीपी क्राइम अरविंद कंबोज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि पुलिस ने मौके से 7 लाख रुपये नकद, 4 लैपटॉप, 46 मोबाइल फोन, 2 कंप्यूटर स्क्रीन, 3 टैबलट और साउंड रिकॉर्डर सहित भारी मात्रा में इलेक्ट्रोनिक उपकरण बरामद कर लिए हैं।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम की धारा 4 (1) के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी इस किराए की कोठी का इस्तेमाल सिर्फ सट्टेबाजी के नेटवर्क को चलाने के लिए कर रहे थे। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक मनप्रीत सिंह सूदन ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से समीर वाधवा, पवन महाजन और अमित भाटिया को 13 जनवरी को कोर्ट में पेश करके एक दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पूछताछ पूरी होने के बाद आज सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस मामले में बाकी कड़ियों की तलाश भी कर रही है। पंचकूला पुलिस कमिश्नर (एडीजीपी) शिवास कविराज ने कहा कि पुलिस किसी भी तरह की अवैध सट्टेबाजी और जुआ गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपना रही है।
उन्होंने कहा कि यह गिरोह आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके युवाओं और आम जनता को गुमराह कर रहा था। हमने आरोपियों को रिमांड पर लेकर अच्छे से पूछताछ की है ताकि इस गिरोह की जड़ों तक पहुंचा जाए। यह पता लगाया जा पाए कि इन आरोपियों के तार और कहां-कहां जुड़े हैं। इसका उद्देश्य शहर को ऐसे अपराधों से मुक्त कर देना है।