नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ के बीच में फ्री ट्रेड डील का ऐलान होने वाला है। 27 जनवरी को इस पर फाइनल मुहर लग ही जाएगी। इस डील को मदर ऑफ डील के नाम से जाना जा रहा है। जो अब तक की सबसे बड़ी डील्स में से एक मानी जा रही है। यह दशकों के इंतजार के बाद पूरी होने वाली है। इसी बीच अब यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि भारत में पहुंच रहे हैं। ईयू के टॉप लीडर्स गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में भी शामिल होंगे इसके बाद फ्री ट्रेड डील का ऐलान हो सकता है।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच मे्ं पांच दिनों का कार्यक्रम रखा गया है। इससे राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक क्षेत्रों में भारत-यूरोपीय संघ के संबंध गहरे होंगे। इसके साथ ही ग्लोबल स्तर पर तनाव बढ़ने और अमेरिका जैसे देशों पर निर्भरता कम भी होगी। 24 जनवरी को यूरोपी संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन नई दिल्ली आ रही हैं। वह आज दोपहर तक पहुंच जाएंगी। इसके बाद वह शाम 6 बजे को विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के साथ मुलाकात करेगी।
26 जनवरी के कार्यक्रम में भी होंगे शामिल
यात्रा के दौरान यूरोप के प्रतिनिधि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। यह भारत और यूरोप के गहरे संबंधों को दिखाएगा। इसके बाद 27 जनवरी को प्रधानमंत्री के साथ बैठक होगी जिसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रेड, टेक्नोलॉजी, जलवायु संरक्षण और रणनीतिक सहयोग पर परिणामों की रुपरेखा पेश किए जाने की उम्मीद है। इसके बाद राष्ट्रपति के साथ मुलाकात करके वह 28 जनवरी को रवाना होगी।
इस वजह से पड़ा ‘मदर ऑफ डील्स’ नाम
यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने मंगलवार को स्विटजरलैंड के दावोस में बड़ा ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा था कि यूरोपीय संघ और भारत के बीच में बड़ी डील होने वाली है। यह डील आजतक किसी ने दूसरे देश से नहीं की होगी। उन्होंने कहा कि इससे 27 देशों के इस समूह को फर्स्ट मूवर एडवांटेज मिलेगा। ऐसे में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसको मदर ऑफ डील्स कह दिया है।