नई दिल्ली: बिहार के सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के सियासत में आने को लेकर चर्चा लंबे समय से चल रही है। बिहार चुनाव से पहले भी निशांत के सियासी आगाज को लेकर कयासों का लंबा दौर चला था। अब नीतीश कुमार ने जब राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन कर दिया है और उनका दिल्ली की सियासत में जाना तय हो गया है। बिहार के सियासी हलकों में निशांत का नाम भी फिर से चर्चा का सेंटर प्वाइंट बन गया है।
क्या निशांत कुमार बनेंगे डिप्टी सीएम
नीतीश कुमार के सीएम की कुर्सी छोड़ने के बाद अब निशांत कुमार का नाम डिप्टी सीएम की रेस में बताया जा रहा है। निशांत के सियासी डेब्यू की तारीख भी पास-पास आते तय हो चुकी है। शुक्रवार को पटना में जेडीयू नेताओं, विधायकों की बैठक में भी निशांत के राजनीति में आने की डिमांड उठी है। इस पर पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने यह कहा है कि निशांत कुमार राजनीति में आएंगे।
मीटिंग में बताई डेब्यू की तारीख
संजय झा ने इसी मीटिंग में निशांत के सियासी डेब्यू की तारीख भी बताई है। उन्होंने यह भी कहा है कि निशांत कुमार साच मार्च को जेडीयू की सदस्यता औपचारिक रुप से ले सकते हैं। बैठक में विधायक नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले से मायूस नजर आए। मीटिंग के दौरान कुछ विधायकों ने अपनी बात रखी। विधायकों ने सीएम नीतीश से राज्यसभा जाने के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
सीएम नीतीश कुमार ने दिया विधायकों को भरोसा
सीएम नीतीश कुमार ने विधायकों को भरोसा दिया है कि हम राज्यसभा में जा रहे हैं लेकिन बिहार आएंगे ही। उन्होंने आश्वस्त किया है कि आप लोगों को कोई भी परेशानी नहीं होगी। चिंता मत करो। सीएम नीतीश ने कहा कि हम सबकुछ देखते रहेंगे। हमने कितना काम किया है। सबका ध्यान रखेंगे ही। जेडीयू विधायकों को भावुक होता देखकर नीतीश कुमार बैठक में बोले कि हम तीन हाउस में चले गए थे।
उन्होंने कहा कि एक ही जगह हम नहीं गए थे। राज्यसभा जाना चाहते थे। आप लोग परेशान मत होइए। सीएम नीतीश ने कहा कि आप लोग की चिंता जैसे पहले करते थे वैसे ही आगे भी करते रहेंगे।