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देश में नहीं होगी रसोई गैस की किल्लत, सरकार ने तेल कंपनियों को LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया

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नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग से बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित युद्ध जैसी स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने देश की तेल रिफाइनरियों को एलपीजी (रसोई गैस) का उत्पादन बढ़ाने के आदेश दिए हैं, ताकि देश में गैस की कमी न हो और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने का आदेश सरकारी सूत्रों के अनुसार,  गुरुवार को जारी किए गए एक आदेश में सभी रिफाइनरियों को निर्देश दिया गया है कि वे एलपीजी का अधिक से अधिक उत्पादन करें। साथ ही यह भी कहा गया है कि तैयार होने वाली एलपीजी गैस को केवल तीन सरकारी तेल कंपनियों को ही बेचा जाए। ये तीन कंपनियां हैं:
  • Indian Oil Corporation
  • Bharat Petroleum Corporation Limited
  • Hindustan Petroleum Corporation Limited
इन कंपनियों के जरिए ही एलपीजी की सप्लाई देशभर के घरेलू उपभोक्ताओं तक पहुंचाई जाती है। देश के पास पर्याप्त ऊर्जा भंडार सरकारी अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल भारत के पास कच्चे तेल, तेल उत्पादों और एलपीजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है। इसलिए अभी किसी बड़ी समस्या की स्थिति नहीं है। सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई प्रभावित होती है तो अन्य देशों से तेल की आपूर्ति बढ़ाई जा सके। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपने तेल आयात के स्रोत भी बढ़ाए हैं। रूस से बढ़ा कच्चे तेल का आयात भारत ने साल 2022 से रूस से कच्चा तेल खरीदना शुरू किया था। उस समय कुल आयात में रूस की हिस्सेदारी सिर्फ 0.2 प्रतिशत थी, लेकिन अब यह काफी बढ़ गई है। फरवरी महीने में भारत ने रूस से रोजाना लगभग 10.4 लाख बैरल कच्चा तेल आयात किया, जो कुल आयात का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा है। MRPL रिफाइनरी बंद होने की खबर गलत कुछ जगहों पर यह खबर सामने आई थी कि MRPL रिफाइनरी बंद हो गई है, लेकिन सरकारी सूत्रों ने इसे पूरी तरह गलत बताया है। Mangalore Refinery and Petrochemicals Limited (MRPL) के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और रिफाइनरी सामान्य तरीके से काम कर रही है। इसके अलावा सभी रिफाइनरियों को एलपीजी का उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। रसोई गैस पर निर्भर हैं करोड़ों घर भारत के ज्यादातर घरों में खाना बनाने के लिए एलपीजी गैस का इस्तेमाल होता है। एलपीजी मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन गैस का मिश्रण होती है। सरकार का कहना है कि यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई में कोई समस्या आती है, तब भी देश में रसोई गैस की उपलब्धता बनी रहे और आम लोगों को किसी तरह की दिक्कत न हो।      

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