Sat, Jan 03, 2025, 20:57:41 PM
- Advertisement -
HomeNationalकड़ाके की ठंड में भी माघ मेला में श्रद्धालुओं की भारी भीड़,...

कड़ाके की ठंड में भी माघ मेला में श्रद्धालुओं की भारी भीड़, संगम में लगा रहे पवित्र डुबकी

WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

प्रयागराजः मकर संक्रांति और माघ मेला 2026 के अवसर पर प्रयागराज के संगम तट पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। दूर-दराज के राज्यों से लाखों श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए संगम पहुंच रहे हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है। सुबह से ही संगम तट पर ‘हर-हर गंगे’ और ‘जय श्रीराम’ के जयघोष गूंज रहे हैं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। सुबह 10 बजे तक करीब 36 लाख श्रद्धालु संगम में पवित्र डुबकी लगा चुके हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चेंजिंग रूम, रोशनी, पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्रशासन का प्रयास है कि किसी भी श्रद्धालु को स्नान या दर्शन में कोई परेशानी न हो।

मकर संक्रांति के अवसर पर अटल पीठाधीश्वर राजगुरु आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विश्वतमानंद सरस्वती जी महाराज ने श्रद्धालुओं को पवित्र संदेश दिया। उन्होंने कहा कि माघ मास का विशेष महत्व है और इस माह में किए गए व्रत, पूजा और अनुष्ठान पूरे वर्ष शुभ फल देते हैं। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर से अटल एरिना के आचार्य इस पावन अवसर पर प्रयागराज पहुंचे हैं। उन्होंने सभी देशवासियों को माघ मास की पवित्रता का आनंद लेने और शुभकामनाएं दीं।

वहीं, काशी सुमेरु पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज ने भी मकर संक्रांति के अवसर पर संगम में पवित्र डुबकी लगाई। उन्होंने कहा कि सूर्य भगवान का मकर राशि में प्रवेश एक अत्यंत महत्वपूर्ण आध्यात्मिक क्षण है, जिसका इंतजार भीष्म पितामह ने हजारों वर्षों तक किया था। उन्होंने भागीरथ के 60 हजार पूर्वजों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दिन आस्था और मोक्ष से जुड़ा हुआ है।

शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि संगम आस्था और भक्ति का सर्वोच्च केंद्र है। जो भी यहां जिस भावना से आता है, उसे उसी अनुरूप फल मिलता है। उन्होंने कहा कि यह समय सनातन धर्म के पुनरुत्थान का है और यह दुनिया को एक स्पष्ट संदेश देता है कि सनातन संस्कृति आज भी जीवंत और सशक्त है। उन्होंने कहा कि अगर दुनिया में कहीं स्थायी शांति संभव है, तो वह सनातन मूल्यों, आदर्शों और मान्यताओं से ही आ सकती है। सनातन ही नफरत, हिंसा और युद्ध के माहौल को समाप्त कर सकता है।

इस दौरान छह वर्षीय बाल संत श्री बाहुबली महाराज ने कहा कि यह बात हमेशा याद रखनी चाहिए कि अगर धर्म की रक्षा होगी तो देश की रक्षा अपने आप होगी। प्रशासनिक स्तर पर भी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। माघ मेले के दौरान जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या को लेकर सुरक्षा, यातायात और अन्य तैयारियों का जायजा लिया।

उन्होंने बताया कि मकर संक्रांति का स्नान सुचारू रूप से चल रहा है और अगले कुछ घंटों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। सभी घाटों पर व्यवस्थाएं योजना के अनुसार काम कर रही हैं और श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त चेंजिंग रूम की व्यवस्था की गई है।

Disclaimer

All news on Encounter India are computer generated and provided by third party sources, so read and verify carefully. Encounter India will not be responsible for any issues.

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

- Advertisement -
- Advertisement -

You cannot copy content of this page