लुधियानाः थाना दाखा के अंतगर्त आते इलाके से एसटीएफ और विजिलेंस के अधिकारी बनकर आए 4 बदमाशों ने हथियारों के बल पर कुछ दिन पहले पीएसपीसीएल के एसडीओ जसकिरनप्रीत सिंह और जेई परमिंदर सिंह को दफ्तर से अगवा कर लिया था। जिसके बाद आरोपी दोनों को चंडीगढ़ नंबर की टोयोटा कार में लेकर फरार हो गए और आरोपियों ने दोनों से 7 लाख रुपए की फिरौती लेकर छोड़ दिया था। वहीं इस मामले में पीड़ितों की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। वहीं DSP वरिंदर सिंह खोसा ने बताया कि इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से बदमाशों के बारे में सुराग इकट्ठे किए।
इन सुराग के जरिए पुलिस ने पहचान कर आरोपियों को ट्रेस करना शुरू किया तो दो लोगों की लोकेशन पटियाला की मिली। जिसके बाद पुलिस ने दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। दोनों ने खुद को एसटीएफ अधिकारी बताते हुए वारदात की। दोनों आरोपियों की पहचान गुरिंदर सिंह और ब्रह्मप्रीत सिंह निवासी पटियाला के रूप में हुई। इन बदमाशों के 2 अन्य साथियों की भी पहचान हो गई है, जिनके नाम विनय अरोड़ा और अमनदीप सिंह निवासी पटियाला है।
इन दोनों की गिरफ्तारी के प्रयास भी पुलिस कर रही है। आरोपियों ने सरकारी अधिकारियों से पैसे ऐंठने के लिए पूरी योजना बनाई थी। PSPCL दाखा के सब-डिवीजन ऑफिसर SDO जसकिरन प्रीत सिंह ने पुलिस को बताया कि करीब 20 दिन पहले कुछ संदिग्ध प्लास्टिक बोतल प्रोडक्शन यूनिट के लिए बिजली कनेक्शन लेने के बहाने दफ्तर के चक्कर काट रहे थे। मौके वाली जगह भी दिखाई और पूरी बातचीत की। 13 अक्तूबर को इसी परिसर में स्थित XEN रवि कुमार चोपड़ा के दफ्तर में गए तो वहां 4 लोग मौजूद थे, जबकि XEN वहां नहीं थे।
इसके बाद वे SDO के दफ्तर पहुंचे और उनके ऊपर हथियार तान दिया। बदमाशों ने खुद को एसटीएफ की टीम बताया। मुख्य व्यक्ति ने खुद की पहचान इंस्पेक्टर गगन के रूप में बताई। अचानक हुई इस अप्रत्याशित घटना से दोनों अधिकारी घबरा गए थे और उन्होंने पहले पुलिस को शिकायत नहीं की। वहीं परिजनों के आश्वसन के बाद अधिकारियों ने पुलिस को घटना को लेकर शिकायत दर्ज करवाई और अब पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस घटना को ट्रेस करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।