गुरदासपुरः बोरवेल और गहरे ट्यूबवेल में गिरने से कई लोग जान गंवा चुके है। इस घटनाओं के बाद प्रशासन की ओर से हर इलाके के बोरवेल, सूखे कुएं और ट्यूबवेल या तो मिट्टी डालकर बंद करने या फिर खुले न रखने की निर्देश जारी किए गए थे। लेकिन इसक बावजूद इन आदेशों का पालन नहीं होता हुआ दिखाई दे रहा है। आज भी कई पुराने कुएं, जिनमें से कुछ सूखे भी हैं, खुले नजर आते हैं।
जिला गुरदासपुर के पुलिस जिला बटाला के अंतर्गत आने वाले थाना सेखवां के गांव थेह गुलाम नबी के रहने वाले किसान की सवा लाख रुपये के करीब मूल्य की बैल ऐसे ही गहरे सूखे कुएं में गिर गई और उसकी मौत हो गई। मृत बैल 6 दिनों से अभी भी कुएं में ही पड़ा है, जबकि केवल एक बीघा जमीन का मालिक और दूध के कारोबार से परिवार पालने वाला बुजुर्ग किसान ज्ञान सिंह 5 दिनों से थाने सेखवां के चक्कर लगाते हुए पुलिस से इंसाफ की गुहार लगा रहा है। किसान ज्ञान सिंह ने बताया कि वह एक एकड़ जमीन का मालिक है।
कुछ महीने पहले उसने बैल सवा लाख रुपये में खरीदी थी, जिसका दूध बेचकर वह परिवार चला रहा था। लेकिन बीते दिन बैल की रस्सी अचानक खुल गई और वह नजदीक के एक किसान के खेतों में खुले सूखे कुएं में गिर गई, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। उसकी मृत बैल 5 दिनों बाद भी उसी कुएं में पड़ा है, लेकिन जिसकी जमीन में कुआं है वह किसान किसी भी प्रकार की मदद नहीं कर रहा। इसी कारण उसने इसकी शिकायत थाने सेखवां की है, लेकिन पिछले 5 दिनों से पुलिस रोज उसे थाने बुला रही है, जबकि दूसरी पार्टी एक बार भी थाने नहीं आई है। वह गरीब किसान है इसलिए उसकी मदद की जाए।